हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री की खूबसूरत अदाकारा कैसे एक नाजायज बच्चे की माँ बन गई… Smita Patil एक अदाकारा जिसने अपनी खूबसूरती से हिंदुस्तान के सिनेमा को अपना जीवन बनाया, बड़ी बड़ी आंखें, सांवली सलोनी सूरत ने लाखों दिलों पर राज़ किया, हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में सिर्फ 10 साल के सफर में दर्जनों हिट और सुपरहिट फिल्में हिंदी सिनेमा को दिए I
अपने गंभीर अभिनय के लिए हमेशा से जानी गईं और सुपर स्टार के लिस्ट में अपना एक अलग मुकाम बनाया, महिला उत्थान के लिए काम करने वाली Smita Patil पर एक महिला ने शादी शुदा जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया, और बाद में ये Smita Patil बिना शादी के एक बच्चे की माँ बन गयी I
बेटे के जन्म के कुछ दिनों बाद ही इस Smita Patil की मौत हो गयी, और इनका बेटा इनसे नफरत करने लगा, और अपने नाम के आगे से पिता का सरनेम भी हटा दिया, आखिर कौन थी यह अदाकारा और क्या थी इनकी विवादित ज़िंदगी, और कैसे ये बहुत ही कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह गईं I आज इस ब्लॉग के जरिये से जानेगे बहुत कुछ।
आज हम जानेगे 70 और 80 के दशक की Most Beautiful और Talented अदाकारा Smita Patil के बारे में जो आपने गंभीर और शानदार अभिनय के लिए जानी जाती थी, स्मिता जी भले ही हिंदी सिनेमा में कम वक्त के लिए थे, लेकिन उस दौर में निभाए गए अभिनय से इन्होंने एक मिसाल कायम की, जिसकी वजह से इनका नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों पर लिखा जायेगा I
17 अक्टूबर 1955 में महाराष्ट्र के पुणे शहर में Smita Patil का जन्म हुआ, वो एक राजनीतिक परिवार से बिलॉन्ग करती थी, इनके पिता का नाम Shivajirao Patil था, और वो महाराष्ट्र सरकार के एक नेता थे, इनकी माँ का नाम Vidya Tai Patil था, और वो एक समाज सेविका थीं I
Smita Patil की शुरुआती पढ़ाई Renuka Swarup Memorial Girls High School Pune से हुई, और इन्होंने अपना ग्रैजुएशन Film and Television Institute of India Pune से पूरी की I पढ़ाई पूरी करने के बाद स्मिता जी मराठी टेलीविजन मैं बतौर न्यूज़ एंकर काम करने लगी, इसी दौरान स्मिता जी की मुलाकात हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के जाने माने फ़िल्म निर्देशक Shyam Benegal से हुई, जो उन दिनों अपनी फ़िल्म चरण दास चोर बनाने की तैयारी में थे।
श्याम बेनेगल को Smita Patil जी में एक उभरता हुआ सितारा नजर आ रहा था, और इन्होंने अपनी फ़िल्म चरण दास चोर में स्मिता जी को एक छोटी सी भूमिका अदा करने का मौका दिया, इस फ़िल्म में निभाए गए छोटे से रोल से स्मिता जी ने दर्शकों के बीच अपनी दमदार मौजूदगी का अहसास करवाया I इसके बाद साल 1975 में श्याम बेनेगल ने निशांत फ़िल्म बनाने का फैसला किया, और इस फ़िल्म में भी फिर से स्मिता जी को काम करने का मौका दिया I
साल 1976 में फ़िल्म मंथन और 1977 में भूमिका इनदोनों फिल्मों में स्मिता जी एक सशक्त और मजबूत अदाकारा के तौर पर नजर आए I दूध क्रांति पर बनी फ़िल्म मंथन में स्मिता जी का एक अलग ही अभिनय देखने को मिला, इस के लिए गुजरात के लगभग 5,50,000 किसानों ने अपने प्रतिदिन की मिलने वाली मजदूरी में से 2, 2 रुपए फ़िल्म निर्माताओं को दिए, ये फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई I
साल 1977 में आई फ़िल्म भूमिका में Smita Patil ने दमदार अभिनय किया, और इससे ये हर तरफ चर्चा भी हुई, उस दमदार अभिनय के वजह से स्मिता जी को राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया I स्मिता जी को महान फ़िल्मकार Satyajit Ray के साथ भी काम करने का मौका मिला, मुंशी प्रेमचंद्र जी के कहनी पर आधारित फ़िल्म सदगति इनकी श्रेष्ठ फिल्मों में आज भी शुमार की जाती है I
1980 में प्रदर्शित फ़िल्म चक्र में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली महिला के किरदार को इस तरह से पर्दे पर उतारा की इस के लिए स्मिता जी दूसरी बार राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 80 के दशक में Smita Patil जी ने लगभग सभी बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया, और इसी दौरान उन्होंने दिग्गज अदाकार अमिताभ बच्चन के साथ फ़िल्म नमक हलाल और शक्ति जैसी फिल्मों में काम किया, जिसकी हर तरफ चर्चा और खूब तारीफ भी हुई I
अब वक्त था जब स्मिता पाटिल शोहरत की ऊंचाईयों पर थीं, वो हर रोल अदा करती थी, जिसे करने से पहले बहुत से अदाकाराओं ने करने से मना किया, अगर इसी दौरान स्मिता जी की बहुत सी फ़िल्में रिलीज हुई, जिनमें सुबह, बाज़ार, भीगी पलकें, अर्थ, अर्धसत्य और मंडी जैसी कलात्मक फ़िल्में भी शामिल थी I
एक के बाद एक लगातार सुपरहिट फ़िल्में देने के बाद Smita Patil जी के पास फिल्मों की लाइन लग गई, उस दौर के सभी प्रोड्यूसर स्मिता जी को अपनी फ़िल्म में बतौर हिरोइन लेने के लिए ही लाइन में थे, और इसी वजह से स्मिता जी सभी की पहली पसंद बन गई I इसके बाद दर्द का रिश्ता, गुलामी, कसम पैदा करने वाले की, आखिर क्यों, अमृत, नजराना और डान्स डान्स जैसी फ़िल्में हिंदी इंडस्ट्री को मिली I
Smita Patil जी अपनी कामयाबी के शिखर पर थी और उसी वक्त 1985 में उनकी एक फ़िल्म मिर्च मसाला रिलीज हुई, यह फ़िल्म एक सामंतवादी व्यवस्था के बीच औरतो के लिए संघर्ष की कहानी थी, इस फ़िल्म को आज भी स्मिता पाटिल के सशक्त अभिनय के लिए याद किया जाता है, लेकिन अफसोस इस फ़िल्म के कामयाबी को देखने के लिए वो इस दुनिया में मौजूद नहीं थी, और यही फ़िल्म स्मिता पाटिल की आखिरी फ़िल्म आ साबित हुई I
Smita Patil से जुड़ा 1 किस्सा ये भी है कि साल 1982 में आई फ़िल्म नमक हलाल में मुख्य अदाकारा के तौर पर स्मिता और उनके साथ अमिताभ बच्चन मुख्य किरदार में थे, इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन के साथ स्मिता जी को एक बोल्ड सीन देना था, स्मिता जी ने बोल्ड सीन तो दिया I
लेकिन बाद में सीन को देख कर वो खुद शर्मिंदा हुई, और जब शर्मिंदगी महसूस हुई तो उन्हें लगता था कि उनसे बहुत बड़ी गलती हुई है, शर्म के मारे पूरी रात रोती रही, और अमिताभ बच्चन के बहुत समझाने के बाद वो चुप हुई I उन्हें समझ आया था कि पर्दे पर निभाए गए किरदार और असल जिंदगी दोनों अलग अलग है और दोनों में कोई भी मेलजोल नहीं है।
Smita Patil को मिले सम्मान और अवार्ड्स :
10 साल के फिल्मी करियर में स्मिता जी को दो बार सर्वश्रेष्ठ अदाकारा का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया, और 3 बार फिल्म फेयर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया, तो वहीं भारत सरकार द्वारा 1985 में पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया I
Smita Patil की निजी ज़िंदगी :
Smita Patil जी की जिंदगी पूरी तरह से विवादों से भरी हुई थी, इतना की इनके मौत के बाद भी विवाद इनका पीछा नहीं छोड़ रहे थे I दरअसल, स्मिता पाटिल उस वक्त हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के स्टार अदाकार माने जाने वाले अदाकार राज बब्बर के साथ एक नाजायज रिश्ते में थी, इसी से शुरू हुआ एक ऐसा विवाद जिसने Smita Patil की जिंदगी में भूचाल ला दिया, और इनकी जिंदगी तहस नहस कर दी, वो वजह थी राज बब्बर का पहले से ही शादीशुदा होना I
राज बब्बर ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि मैं Smita Patil से उड़ीसा में मिला था, जहां सतीश मिश्रा की फिल्म भीगी पलके की शूटिंग चल रही थी, भीगी पलके इस फिल्म के अलावा स्मिता और राज बब्बर ने कई फिल्मों में काम किया है जैसे तजुर्बा, आज की आवाज, हम दो हमारे दो इन फिल्मों में एक साथ काम किया I फिल्म भीगी पलकें के दौरान यह दोनों एक दूसरे के करीब आ गए, लेकिन राज बब्बर पहले से ही शादीशुदा और दो बच्चों के पिता थे, लेकिन Smita Patil के प्यार में पढ़ने के बाद उन्होंने फैसला किया कि वह Smita Patil के साथ लिविंग रिलेशनशिप में रहेंगे I
एक तरफ राज बब्बर की पहली पत्नी नादिरा को यह सुनकर गहरा सदमा लगा, तो वहीं दूसरी तरफ स्मिता की माँ तो इस रिश्ते के सख्त खिलाफ हो गए, राज बब्बर की पहली पत्नी नादिरा स्मिता पर उनकी शादी और घर तोड़ने का आरोप लगाया I तो
वही इंडस्ट्री में Raj Babbarऔर Smita Patil की आलोचना होने लगी, फिल्म एक्सपर्ट बताते हैं कि महिला उत्थान के लिए काम करने वाली और वही महिला woman oriented फिल्मों में दमदार किरदार निभाने वाली Smita Patil पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और वह राज बब्बर की दूसरी औरत बनाकर उनके साथ लिविंग रिलेशनशिप में रहने लगी I उस दौर के जानकार यह भी बताते हैं की मीडिया ने भी इस खबर को बहुत प्रमुखता से छापा, और स्मिता को दोहरी चरित्र वाली महिला करार दिया, जिसके कथनी और करनी में बहुत फर्क था I
स्मिता खुलेआम एक शादीशुदा महिला की जिंदगी बर्बाद करने लगी थी, और बच्चों को उनके पिता से दूर कर रही थी, और साथ में राज बब्बर के लिए काफी सवाल पूछे जाने लगे, राज बब्बर पार्टियों और फंक्शन से अक्सर बिना कोई जवाब दिए निकल जाते थे I
सब लोगों को ताजुब तब हुआ, जब Smita Patil गर्भवती हो गई, और उन्होंने उस बच्चे को इस दुनिया में लाने का फैसला किया, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स ने यही दावा किया गया, की धीरे-धीरे स्मिता को अपना भविष्य अंधकार में दिखाई देने लगा, लिहाजा शूटिंग सेट पर हमेशा हंसते मुस्कुराते रहने वाली स्मिता अब अक्सर गुमसुम नजर आने लगी I
सूत्रों के मुताबिक अपने बच्चे को जन्म देने के बाद Smita Patil ने इस रिश्ते से अलग होने का मन बना लिया था, क्योंकि राज बब्बर ने अपने पत्नी को तलाक देकर स्मिता को कानूनी तौर पर अपनी पत्नी का दर्जा अधिकार नहीं दे रहे थे, दुनिया के सवालों और इल्जाम से तंग आ गई थी, जिसके वजह से राज और स्मिता के बीच खटास आना शुरू हो गई थी I असल में स्मिता अपने मां बनने के खुशी को पूरी तरह से जीना चाहती थी I
लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था, बच्चे को जन्म देने के 2 हफ्ते बाद ही Smita Patil के ब्रेन में इंफेक्शन फैल चुका था जिसकी वजह से डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए, और28 नवंबर 1986 को 31 साल की उम्र में Smita Patil का निधन हो गया, और इस तरह से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की बेहद ही खूबसूरत और टैलेंटेड अदाकारा का फिल्मी सफर यहीं रुक गया I
Smita Patil के मौत के बाद राज बब्बर ने अपनी पहली पत्नी से समझौता कर लिया और वह उनके पास लौट गए और फिर से पने जिंदगी हंसी खुशी के साथ गुजरने लगे I स्मिता के मौत के बाद उनके बेटे की जिम्मेदारी स्मिता के माता-पिता ने ले ली, और उसे अपने साथ अपने घर ले गए I Smita Patil और Raj Babbar के बेटे प्रतीक जैसे-जैसे बड़े हो रहे थे, कुछ वक्त बिताने के बाद वह अपने मां-बाप की कहानी पता चली, और फिर कुछ ऐसा हुआ कि कोई भी मां अपने जीते जी यह कभी बर्दाश्त नहीं कर पाती I
10 साल तक प्रतीक अपनी मां से नफरत करने लगे, अपने मां-बाप का नाम सुनते ही भड़क जाते था, और नाना नानी काफी कोशिश करते थे कि प्रतीक के दिल में मां Smita Patil के लिए जो नफरत है वह निकाल सके I लाख कोशिशें के बाद भी इसका कोई फायदा नहीं हुआ काफी वक्त तक प्रतीक अपने मां के बारे में बात तक करने काफी कतराते थे, सब बताते हैं कि प्रतीक ने अपनी मां की कोई भी फिल्म नहीं देखी I
कई साल बितने के बाद अपने नाना और नानी के काफी समझाने के बाद प्रतीक का अपने मां के लिए थोड़ासा नजरिया बदल गया, प्रतीक में हमेशा अपने पिता राज बब्बर से दूरी बनाए रखी I यूं तो प्रतीक भी अब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक अदाकार है और वह अपने नाम के आगे अपने मां-बाप या कोई और नाम अपने नाम के आगे नहीं लगते, हालांकि वह पहले अपने नाम के आगे बाबर लगते थे I
लेकिन PR agency ने एक प्रेस नोट जारी किया इसमें लिखा था कि वह प्रतीक के नाम से ही जान जाएंगे और इसका अंक ज्योतिषी से कोई लेना नहीं है I ऐसा कर सकते हैं कि Smita Patil के कुछ गलत फ़ैसले की वजह से जहां एक तरफ कई रिश्ते उलझ गए तो वही उनके मासूम बच्चे के जिंदगी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा I
महेश भट्ट की फिल्म अर्थ यह स्मिता पाटिल की जिंदगी से काफी मिलती जुलती फिल्म है, जिसमें उन्होंने खुद अपने असल जिंदगी जैसी दूसरी औरत का किरदार निभाया था, भले ही Smita Patil एक बहुत महान कलाकार थी लेकिन वह अपने निजी जिंदगी को सही दिशा नहीं दे पाए, जिस वजह से उनकी जिंदगी दुख और तकलीफ, तन्हाई और आलोचनाओं के साथ गुजारी I
Smita Patil को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में दिए गए उनके वक्त और दमदार अभिनय के लिए रहते दुनिया तक याद किया जाएगा, और इतिहास के सुनहरी पन्नों पर उनका नाम लिखा जाएगा, और उसी के साथ इतिहास में उनका स्थान सर्वोपरी रहेगा I
तो दोस्तों यह थी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत और एक नाजायज बच्चे की मां कहीं जाने वाली अदाकारा Smita Patil के जीवन का परिचय I