एक हिंदू बच्चा दिलीप दुनिया का सबसे बड़ा और मशहूर मुस्लिम संगीतकार बन गया… A R Rahman 

एक हिंदू बच्चा दिलीप दुनिया का सबसे बड़ा और मशहूर मुस्लिम संगीतकार बन गया, A R Rahman… म्यूजिक के बिना हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का गुजारा होना थोड़ा मुश्किल है, हम भले ही फिल्म की कहानी को भूल जाए, लेकिन देखी हुई फिल्म के गाने गुनगुना नहीं भूलते I

हर एक फिल्म में एक संगीतकार का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है और खुशकिस्मती से हमारे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 1 से बढ़कर एक महान संगीतकार हुए, और जिन्होंने बेहतरीन काम किया है और उनकी मेहनत उसे फिल्म को यादगार बनती है I

तो दोस्तों आज हम एक ऐसे ही महान, धाकड़ संगीतकार और गायक के बारे में जानेंगे जिसने अपनी रूहानी आवाज और संगीत से सात समंदर पार बैठे लोगों को हिंदुस्तानियों का मुरीद बना दिया, और इस संगीतकार को धूनों का बादशाह कहना गलत नहीं होगा I

  2 Grammy और 2 Academy और न जाने कितने सम्मान और पुरस्कार जीतकर हिंदुस्तान के संगीत को दुनिया भर में ऊंचाइयों पर ले जाने वाले इस संगीतकार का नाम है A R Rahman I A R Rahman के बारे में बात करना मतलब किसी सुरीली धुन को गुनगुनाने जैसा है, लेकिन इस ऊंचाइयों पर पहुंचने का रास्ता इतना आसान नहीं था, रहमान जी ने बहुत संघर्ष और कड़ी मेहनत की है अपने इस मुकाम को हासिल करने के लिए I 

तो दोस्तों आज हम जानेंगे A S Dilip Kumar कैसे बने सुरू के सम्राट महान संगीतकार A R Rahman I 6 जनवरी 1967 को चेन्नई के एक मध्यवर्गीय हिंदू परिवार में A R Rahman का जन्म हुआ, जन्म के बाद माता-पिता ने बच्चे का नाम A S Dilip Kumar Mudaliar रखा, जिसे आज सारी दुनियाA R Rahman यानी अल्लाह रक्खा रहमान के नाम से पहचानती है I

दिलीप के पिता का नाम R Shekhar और वह फिल्मों में कंपोजर और कंडक्टर का काम करते थे, और तमिल और मलयालम फिल्मों के लिए संगीत दिया करते थे I कुछ वक्त तक A R Rahman अपने पिता को असिस्ट किया, उनके साथ ही कीबोर्ड में काम करते, लेकिन अफसोस की महेज 9 साल की उम्र में ही A R Rahman ने अपने पिता को खो दिया I 

पिता के मौत के बाद उनके जो वाद्य यंत्र यानी Instrument थे, उसे किराए पर देकर उनके परिवार का गुजारा होता, लेकिन इस किराए से घर का गुजारा होना काफी मुश्किल था, परिवार की हर जरूरत को पूरा करने के लिए A R Rahman की मां कस्तूरी जी दिन-रात कड़ी मेहनत करती, बाद में सब कस्तूरी जी को करीमा के नाम से पहचानने लगे I घर की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने की वजह से A R Rahman ने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी, और अपने बचपन के दोस्त तबलावादक Sivamani, John Anthony, Suresh Peter और Jojua Raja के साथ मिलकर अपना एक रॉक ग्रुप बनाया और उसका नाम Nemesis Avenue रखा I

 आज जो रहमान Piano, Synthesizer, Harmonium और Guitar जैसे वाद्य यंत्र के ज्ञाता कहलाते हैं, इसके पीछे उनके बरसों की मेहनत और लगन छुपी हुई है, इन सब वाद्य यंत्रों में रहमान ने खासकर Synthesizer में महारत हासिल की है I बचपन से ही रहमान को संगीत में दिलचस्पी थी, उन्होंने 11 साल के उम्र में ही मास्टर धनराज से प्रशिक्षण लिया था, आगे चलकर अपने पिता के दोस्त M.K Arjun के साथ मिलकर मलयालम ऑर्केस्ट्रा में भी काम किया I 

संगीत A R Rahman को विरासत में मिली थी, अपने पिता से प्रेरणा लेकर संगीत को बारीकियां से सीखने में कभी लापरवाही नहीं की, Zakir Hussain, A.L Shankar, Ramesh Naidu, Rajkoti, MS Viswanathan और Ilaiyaraaja जैसे दिग्गजों के साथ रहमान ने काम किया, और अपने कला और हुनर को कामयाबी के शिखर पर पहुंचा I

A R Rahman के मेहनत और लगन में उन्हें Trinity College London के संगीत विभाग से स्कॉलरशिप भी दिलवा दी, रहमान का संगीत के प्रति लगाव इतना गहरा था कि कोई भी चुनौती उन्हें झुका नहीं पाई, और इसी के दम पर कभी बड़े संगीतकारों के लिए काम करने वाले रहमान हिंदुस्तान के फिल्म इंडस्ट्री के संगीतकारों में सबसे बड़े मशहूर संगीतकार बने I 

अब तक A R Rahman जी ने 100 से भी ज्यादा गानों को अपनी संगीत देकर उन्हें सजाया है, सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि और भी कई भाषाओं में उनके गाने लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं I रहमान ने साल 1992 में आए तमिल फिल्म रोजा से अपने करियर की शानदार शुरुआत की, अपने घर के पीछे इन्होंने पंचतंन रिकॉर्ड इस नाम का एक स्टूडियो बनाया था, और वह वक्त के साथ हिंदुस्तान का सबसे मशहूर स्टूडियो बन गया I

इन्होंने शुरुआत में विज्ञापन टीवी चैनल पर संगीतकार काम चलाया था लेकिन तमिल फिल्म Roza के कामयाबी ने A R Rahman को फर्श से उठाकर अर्श पर बिठा दिया I रहमान को अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए Rajat Kamal Award से भी सम्मानित किया गया था, उनकी पहली हिंदी फिल्म “रंगीला” थी, और रहमान की कुछ सर्वश्रेष्ठ फिल्में Roja, Bombay, Dil Se, Taal, Lagaan, Vande Mataram, Delhi 6, Mera Rang De Basanti, Slumdog Millionaire, और Sufi जैसे फिल्मों के लिए काम किया I

हिंदुस्तानी पंचवाद में महारत रखने वाले A R Rahman साहब का काम सिर्फ फिल्म तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने अमेरिका के पॉप सिंगर और डांसर Michael Jackson के साथ जर्मनी में स्टेज परफॉर्मेंस भी दी है I तो इसी के साथ रहमान जी ने प्रधानमंत्री Dr. Manmohan Singh और अमेरिकी राष्ट्रपति Barack Obama के लिए वाशिंगटन के व्हाइट हाउस में परफॉर्मेंस भी की है I 

AS Dileep से AR Rahman:

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर ये चर्चा होती रहती है कि A R Rahman ने धर्म परिवर्तन क्यों किया, क्या यह कोई पब्लिसिटी स्टंट था या फिर यह एक रूहानी पुकार थी, तो सच के पीछे बहुत बड़ी एक पारिवारिक मजबूरी थी I साल1989 में A R Rahman की छोटी बहन इतनी बीमार हो गई की डॉक्टर ने अपने हाथ खड़े कर दिए और कोई भी दवा असर नहीं कर रही थी, तब डॉक्टर ने भी कह दिया कि अब इनकी बचने की कोई उम्मीद नहीं है, तब पूरा परिवार हताश हो चुका था I उस वक्त एक डूबते हुए को तिनके का सहारा मिला I

उस वक्त A R Rahman के मांकी मुलाकात एक मुस्लिम फकीर से होती है और कहां जाता है कि उस फकीर की दुआओं ने वह कर दिखाया जो मेडिकल साइंस नहीं कर पाया I रहमान की बहन पूरी तरह से ठीक हो गई इसे मां और A R Rahman ने चमत्कार माना और 23 साल की उम्र में रहमान और उनके पूरे परिवार वालों ने हिंदू धर्म छोड़कर धर्म परिवर्तन करके इस्लाम अपना कर मुसलमान बन गए I

हालांकि A R Rahman अपने बायोग्राफी The Spirit Of Music से एक और दिलचस्प किस्सा सामने आता है की बचपन से रहमान को दिलीप नाम बिल्कुल पसंद नहीं था, शादी से पहले जब उनकी मां उनकी बहन की कुंडली दिखाने एक ज्योतिषी के पास गई, तो उस ज्योतिषी ने कहा था कि इस लड़के का नाम बदलेंगे तो आपकी किस्मत भी बदल जाएगी I

उस वक्त मां ने उनका नाम अल्लाह रक्खा रख दिया, और रहमान ने अपना पसंदीदा नाम रहमान जोड़कर उसे A R Rahman बना दिया I नाम बदलने के बाद मानो जैसे किस्मत के दरवाजे खुल गए, साल 1992 में A R Rahmanने चेन्नई में अपना खुद का पंचथन रिकॉर्डिंग स्टूडियो शुरू किया, यह बात उसे वक्त कौन जाता जानता था कि यह एशिया का सबसे शानदार और मशहूर स्टूडियो बनेगा I  

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लोगों को ऐसा लगता था कि ए आर रहमान का म्यूजिक सिर्फ साउथ इंडस्ट्री में ही चलेगा, और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री वालों को यह हजम नहीं होगा, लेकिन राम गोपाल वर्मा ने यह रिस्क लिया  1994 में आई अपनी फिल्म रंगीला के लिए प्रोड्यूसर अनु मलिक को साइन कर चुके थे, लेकिन राम गोपाल वर्मा जिद पर अड़े रहे और रहमान को साउथ इंडस्ट्री से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ले आए I इसका रिजल्ट यह रहा कि रंगीला के म्यूजिक ने पूरे देश को नचा दिया, और रहमान को अपना पहला फिल्मफेयर अवार्ड भी मिल गया I 

बताया जाता है कि रहमान अपने आस्था और उसूलों के बहुत पक्के हैं इसका सबूत मिलता है कि दीपा मेहता की साल 1996 में की विवादित फिल्म Fire के किस्से से इस फिल्म का कंटेंट Homosexuality पर था, जिसे लेकर पूरे देश में हंगामा मचा हुआ था I जब दीपा मेहता ने प्रोड्यूसर से कहा कि मुझे संगीतकार के तौर पर ए आर रहमान चाहिए I दीपा की यह बात सुनकर प्रोड्यूसर हंसने लगे और उन्होंने कहा कि रहमान बहुत conservative mind के आदमी है और वह ऐसी फिल्मों में कभी काम नहीं करेंगे I 

  दीपा मेहता ने हार नहीं मानी और ए आर रहमान से मुलाकात की मुलाकात के बाद रहमान ने दीपा के सामने शर्त रखी कि वह पहले पूरी फिल्म देखेंगे, रहमान के ही घर पर उन्होंने अपनी पत्नी और दीपा के साथ पूरी फिल्म देखी, और जब उन्हें पूरी फिल्म देखने के बाद इसकी थीम समझ आए तो उन्होंने इस फिल्म में काम करने के लिए हां कह दिया I A R Rahman ने इस फिल्म के लिए 14 इंस्ट्रूमेंट साउंड ट्रैक्ट तैयार किए, और यह साबित कर दिखाया कि कला किसी बंधन की मोहताज नहीं है I 

इसके बाद साल 1997 में A R Rahman का Vande Mataram एल्बम आया, और साल 1998 में Dil Se, और Chal Chaiya Chaiya इस गाने ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बादशाह कहे जाने वाले शाहरुख खान और सुखविंदर सिंह और रहमान तीनों को अमर कर दिया I बताया जाता है और देखा भी जाता है कि रहमान का स्वभाव बहुत शांत है और यह बहुत कम बोलते हैं, लेकिन जब बात स्वाभिमान की आती है तब यह बड़े से बड़े शोमैन को भी नहीं बक्शते I

एक किस्सा है साल 2008 में आई फिल्म युवराज का फिल्म डायरेक्टर Subhash Ghai और A R Rahman के बीच एक गाने को लेकर ऐसी बहस हुई और यह तू तू मैं मैं पर जाकर पहुंची I हुआ यूं था कि सुभाष घई को एक गाना अर्जेंट चाहिए था, तभी रहमान अपने बिजनेस शेड्यूल और लंदन ट्रिप की वजह से सुभाष घई को टाल रहे थे, और तंग आकर रहमान ने यह कह दिया कि लंदन से लौटने  के बाद वह सुखविंदर सिंह के स्टूडियो में उन्हें मिलेंगे और वहीं पर तुमको धुन दे दूंगा और सुखविंदर को कॉल कर रहमान ने कहा कि तुम एक डमी धुन तैयार करके रखो I

जब सुभाष घई स्टूडियो पहुंचे तो देखा कि सुखविंदर सिंह धुन बना रहे हैं और A R Rahman तो वहां मौजूद ही नहीं है I स्टूडियो में रहमान को न देखकर सुभाष घई का पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और स्टूडियो में जैसे ही रहमान दाखिल हुए तब सुभाष घई उन पर बरस पड़े और चिल्लाते हुए कहा कि मैं तुम्हें करोड़ों रुपए की फीस दी है, और तुम धुन सुखविंदर से बना रहे हो ऐसा करने की तुम्हारी हिम्मत कैसा हुई I

जवाब देते हुए रहमान ने कहा कि “आप पैसे मेरे नाम के दे रहे हैं मेरे म्यूजिक के नहीं Iअगर मैं इसे एंडोर्स कर रहा हूं, तो यह मेरा है आपको क्या पता है कि आपकी हिट फिल्म “ताल” का म्यूजिक मैंने बनाया था या मेरे ड्राइवर ने ? I” रहमान की ड्राइवर वाली बात सुनकर सुभाष घई गुस्से में आग बबूला हुए, और गुस्से में गाने को इस फिल्म से हटाने का फैसला किया, लेकिन किस्मत का खेल देखिए वही रिजेक्ट गाना फिल्म Slumdog Millionaire में जय हो बना और इसी गाने की वजह से ए आर रहमान को International Oscar Award से सम्मानित किया गया I

A R Rahman ने सुखविंदर से माफी मांगी :

जय हो इस गाने में पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का नाम तो रोशन किया, लेकिन इसके पीछे भी एक दर्द नाक सच और विवाद छुपा हुआ है, 17 दिसंबर 2008 को जब यह गाना ऑस्कर अवार्ड के लिए नॉमिनेट हुआ, तब रहमान ने सबसे पहले सुखविंदर सिंह को फोन किया और कहा कि तैयारी कर लो हम Los Angeles में परफॉर्मेंस करने वाले हैं I सुखविंदर सिंह और मशहूर शायर Gulzar Sahab की जिंदगी का सबसे बड़ा पल होने वाला था, सुखविंदर ने पासपोर्ट से लेकर कपड़े सब चीजों की तैयारी कर ली, लेकिन जैसे तारीख नजदीक आ रही थी वैसे ही रहमान का फोन नोट रीचेबल आ रहा था I

ना कोई टिकट आया ना ऑस्कर कमेटी की तरफ से कोई वर्क परमिट मिला, नतीजा यह हुआ कि जिस दिन पूरी दुनिया Los Angeles में हिंदुस्तान का परचम लहराते हुए देख रही थी, जय हो इस गाने के असली हीरो सुखविंदर सिंह और गुलजार साहब हिंदुस्तान में टीवी के सामने नाराज होकर यह शो देख रहे थे I

ऑस्कर सेरेमनी में जिस गाने को सुखविंदर सिंह को गाना था, उस गाने को एक फीमेल सिंगर ने गया और लोग हंसने लगे, ए आर रहमान पर इल्जाम लगे कि वह सारा क्रेडिट अकेले ही लेना चाहते थे, इसलिए इन्होंने सुखविंदर सिंह का नाम आगे भेजा ही नहीं, और सारी हदें तब पर हुई जब स्टेज पर भी रहमान ने स्पीच देते वक्त सुखविंदर का नाम लेना भूल गए I सुखविंदर ने अपना दिल बड़ा किया और मीडिया में रहमान के खिलाफ गलत नहीं कहा, 13 साल बाद रहमान ने अपनी गलती कबूल करते हुए सुखविंदर से कहा कि “मुझे माफ कर देना मैं उस वक्त घबराहट के वजह से तुम्हारा नाम लेना ही भूल गया I”

A R Rahman ने Michael Jackson से मिलने से इनकार किया : 

रहमान का कॉन्फिडेंस किस लेवल का था इसका अंदाजा साल 2009 केKing of Pop Michael Jackson के इस किस्से से लगता है I जब माइकल जैक्सन के मैनेजर ने रहमान से कहा की MJ यानी michael jackson उनसे मिलना चाहते हैं, तभी रहमान ने ईमेल पर इसका जवाब देते हुए कहा कि“मैं अभी नहीं मिलना चाहता I अगर मैं ऑस्कर जीता, तभी मिलूंगा वरना नहीं I” रहमान को इस बात का पूरा यकीन था कि वह ऑस्कर जरूर जीतेंगे और ऑस्कर जीतने के बाद ही रहमान माइकल जैक्सन से मिलने पहुंचे I

माइकल जैक्सन ने खुद रहमान के आने पर अपने घर का दरवाजा खोला उनका स्वागत किया, फिर बाद में उन्होंने जय हो कि काफी तारीफ की, और अपने डांस मूव्स दिखाएं और दोनों मिलकर फिल्म रोबोट के लिए एक गाना भी तैयार करने वाले थे, मगर अफसोस की गाना तैयार करने से पहले ही 25 जून 2009 को दिल का दौरा पड़ने की वजह से माइकल जैक्सन का निधन हो गया I 

जानकारों की माने तो जिस ऑस्कर ने रहमान को बादशाह बनाया, उसी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ए आर रहमान के करियर को खत्म किया I शेखर कपूर ने रहमान के ऑस्कर जीतने के बाद सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया था, उन्होंने लिखा था कि“रहमान तुम्हारे साथ दिक्कत यह है तुम ऑस्कर ले आए I बॉलीवुड में ऑस्कर kiss of death यानी मौत का बुलावा है I तुम्हें इतना टैलेंट है कि बॉलीवुड उसे हैंडल नहीं कर सकता I”

स्वर्गीय अदाकार सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म दिल बेचारा के दौरान डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने इस बात का खुलासा किया कि जब वह रहमान के पास जाने से इंडस्ट्री के कई बड़े लोगों ने उन्हें रोका था, और कहा कि रहमान के पास मत जाओ वह अब काम नहीं करेगा रहमान का दर्द झलक कर बाहर आया I

रहमान ने दुनिया के सामने कहा कि “मैं अच्छी फिल्मों को मना नहीं करता, लेकिन बॉलीवुड में एक पूरा गैंग मेरे खिलाफ काम कर रहा है I मेरे बारे में झूठी अफवाहें फैलाई जा रही है ताकि मुझे काम ना मिल सके I” इस गैंग में कौन-कौन शामिल थे कुछ लोग कहते हैं करण जौहर सुभाष घई जैसे दिग्गज लोगों से अनबन इन्हें भारी पड़ गई I

करण जौहर ने अपने फिल्म “कल हो ना हो” के लिए रहमान को अप्रोच किया था, लेकिन रहमान ने अपने गानों की पब्लिशिंग राइट्स अपने पास रखना चाहते थे, जो की करण जौहर को मंजूर नहीं था, और तभी करण जौहर ने रहमान को हटाकर रातों-रात शंकर-एहसान-लॉय को साइन कर लिया I इसके अलावा एक वजह यह भी थी, कि रहमान ने चेन्नई में अपना वर्ल्ड क्लास म्यूजिक स्टूडियो बनाया था, और यह चाहते थे कि बॉलीवुड वाले रिकॉर्डिंग के लिए चेन्नई इनके स्टूडियो में ही आए I

यह भी बताया गया कि रहमान रात के 12:00 के बाद ही रिकॉर्डिंग करते थे, जो कि Kumar Sanu जैसे दिग्गज को यह पसंद नहीं था, इन सभी वजह से बॉलीवुड वालों ने धीरे-धीरे ए आर रहमान के लिए अपने सारे दरवाजे बंद कर दिए I फिर साल 2010 के बाद इन्हें रॉकस्टार, तमाशा, हाईवे और अतरंगी रे जैसे कुछ चुनिंदा फिल्मों में ही काम करने का मौका मिला I

करियर के उतार चढ़ाव के बीच में जिंदगी बीखार गई, साल 1995 में Saira Banu के साथ घरवालों के रजामंदी के साथ Arranged Marriage हुई, शादी के वक्त रहमान ने अपनी मां के सामने तीन शर्ते रखी थी I यही की लड़की पढ़ी लिखी हो, संगीत पसंद हो और उसमें विनम्रता हो I

A R Rahman की मां ने सायरा बानो को चुना जो गुजरात से बिलॉन्ग करती थी, रहमान ने अपने पहले मुलाकात पर सायरा को एक अजीब शर्त बताइए, उन्होंने कहा कि हम साथ में अगर खाना खा रहे हो और मुझे अचानक कोई धुन सूची हो तो मैं खाना बीच में छोड़कर चला जाऊंगा, सायरा ने रहमान की शर्त को कबूल किया I 

A R Rahman के तीन बच्चे हैं दो बेटियां Khadija और Rahima और एक बेटा है Amin लेकिन शादी के 29 साल बाद वकीलों के बयानों और A R Rahman के सोशल मीडिया पोस्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि शादी के 29 साल बाद इनका रिश्ता टूट चुका है I

A R Rahman ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि इन्हें उम्मीद थी कि यह शादी के 30 साल जरूर पूरे करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका I एक तरफ हैरान कर देने वाली बात यह भी थी कि A R Rahman के सोशल मीडिया पर अपने तलाक की बात बताने के कुछ ही घंटो बाद ही इनकी ग्रुप की में लीड मेन गिटारिस्ट मोहिनी ने भी अपने पति से अलग होने का ऐलान कर दिया I सोशल मीडिया पर इन दोनों घटनाओं को जोड़कर देखने लगे, और तरह-तरह के सवाल और अफवाहें भी उठने लगे हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो वक्त ही बताएगा I 

A R Rahman को मिले पुरस्कार और अवार्ड : 

A R Rahman के पास 2 ऑस्कर, grammy 1, golden globe, 1 bafta awards नेशनल अवार्ड जीत चुके हैं I  इसी के साथ रहमान को Mauritius National Award और Malaysian Awords इन्हें चार बार नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया, और छह बार यह तमिलनाडु के स्टेट अवार्ड जीत चुके हैं, और Filmfare Award की सूची काफी लंबी है I भारत सरकार ने इन्हें पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया I कनाडा के मरकाम शहर में ए आर रहमान के नाम पर एक रोड भी बनाई हुई है I

A R Rahman दुनिया के टॉप 10 संगीतकारों में गिने जाते हैं, लेकिन क्या यह हिंदुस्तान के लिए बेहद ही शर्मनाक बात है कि जिसके टैलेंट को पूरी दुनिया पूजती है उसे हमारे अपने हिंदुस्तानी फिल्म इंडस्ट्री में गैंग्सजम और पॉलिटिक्स का शिकार बना दिया I A R Rahman के धुन आज भी रूह में उतरते हैं चाहे वह फिल्म रॉकस्टार का “कुन फाया कुन” हो या फिर “मां तुझे सलाम” अफसोस की हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने इस नायब हीरे की कदर नहीं कर पाया I

सिर्फ हिंदुस्तानी सिनेमा में ही नहीं बल्कि विश्व सिनेमा में भी A R Rahman का नाम बड़े गर्व से लिया जाएगा, और A R Rahman ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर फर्श से लेकर अर्श तक अपने कामयाबी का डंका बजाया है, जिसकी वजह से रहती दुनिया तक उनका नाम इतिहास के सुनहरी पन्नों में लिखा जाएगा I 

 तो दोस्तों यह थी एक हिंदू बच्चा जो AS Dilip से दुनिया का सबसे बड़ा और मशहूर गीतकार संगीतकार और म्यूजिक प्रोड्यूसर A R Rahman बनने का जिंदगी के संघर्ष भरे जीवन का परिचय I

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