आखिर क्यों हिंदी सिनेमा की एक मशहूर और कामयाब अदाकारा Parveen Babi की लाश अपने ही घर में तीन दिन तक पड़ी रही, आज हम जानेंगे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की एक ऐसी कामयाब अदाकारा के बारे में जिसने 1970 और 1980 के दशक में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की बहुत ही खूबसूरत, Bold, और Glamorous अदाकाराओं में से एक माना गया I
Parveen Babi ने हिंदी सिनेमा को मॉडर्न फैशन से रूबरू करवाया, और इस अदाकारा का किसी फिल्म में होना उस फिल्म के हिट होने की गारंटी मानी जाती थी I बोल्ड, ब्यूटीफुल, बिंदास और बेहद ही स्टाइलिश अदाकारा जो Times Magazine के कवर पर आने वाली हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की पहली अदाकारा थी I
करियर में असफलता और अपने प्रेमियों से मिले धोखे की वजह से यह अदाकारा एक खतरनाक दिमागी बीमारी से जूझने लगी थी, जिसकी वजह से इन्हें अमेरिका में गिरफ्तार करके पागलखाने में भर्ती करवाया गया, और इस दिमागी की बीमारी के चलते अपने ही घर में कैद होकर रह गई थी, ना यह कभी अपने रिश्तेदारों से मिलती और ना ही कभी अपने दोस्तों से I
ऐसा क्या हुआ था Parveen Babi के साथ की जिसकी वजह से Parveen Babi ने दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ कुछ और लोगों के ऊपर अपने जासूसी और जान से मारने जैसे और भी बहुत से गंभीर इल्जाम लगाए थे, जिसके चलते हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सनसनी मच गई थी I
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सालों तक राज करने वाली इस मशहूर और ग्लैमरस अदाकारा Parveen Babi की मौत ऐसी तन्हाई में हुई कि उनकी लाश तीन दिन तक घर में सडती रही, उनके आखिरी वक्त में भी उनके साथ उनका कोई अपना मौजूद नहीं था I
4 अप्रैल 1954 को गुजरात के जूनागढ़ में एक मुस्लिम शाही परिवार में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की स्टाइलिश और खूबसूरत मशहूर अदाकारा Parveen Babi का जन्म हुआ, और इनका पूरा नाम Parveen Sultana Wali Mohammad Khanji Babi था I
पिता का नाम Wali Mohammad Khanji Babi था, और वह जूनागढ़ के नवाब थे, और उनकी मां का नाम Jamal Bakhte Khanji Babi, Parveen Babi के दादा परदादा गुजरात के पठान थे और बाबी राजवंश के हिस्सा थे I
Parveen Babi यह अपने मां-बाप की इकलौती औलाद थी और यह उनकी शादी के 14 साल के बाद पैदा हुई थी, महेज 10 साल की उम्र में ही परवीन के सर से पिता का हाथ उठ गया, Parveen Babi की जिंदगी में ज्यादातर तन्हाई और अकेलापन ही रहा, इसकी शुरुआत बचपन से ही हो गई थी I
Parveen Babi ने अपने करियर की शुरुआत 23 साल की उम्र में की थी, और तभी इन पर नज़र पड़े उस दौर के मशहूर Producer, Director B R Ishara की पहली बार जब उन्होंने Parveen Babi को देखा तो बस देखते ही रह गय, उस वक्त परवीन मिनी स्कर्ट पहने हुए सिगरेट का धुआं उड़ा रही थी I
खूबसूरत और स्पष्टवादी Parveen Babi को देखकर उन्होंने अपने फिल्म का ऑफर दिया, और परवीन ने भी उस ऑफर को कबूल किया, और इस तरह से हुई हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में Parveen Babi की एंट्री, और वह 1973 की उनकी पहली फिल्म “Charitr” थी I
इस फिल्म में Parveen Babi के साथ मुख्य किरदार में Cricketer Salim Durrani Sahab थे I पहली फिल्म तो फ्लॉप रही लेकिन सिल्वर स्क्रीन पर ब्यूटीफुल और बोल्ड अदाकारा को देखते ही लोग उनके दीवाने हो गए, डायरेक्टर हो प्रोड्यूसर हो या दर्शक इनके वेस्टर्न लुक ने सभी को दीवाना बना दिया था I
सिर्फ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं बल्कि विदेश में भी लोग परवीन के खूबसूरती और स्टाइल के दीवाने थे, पर परवीन अदाकार Danny Denzongpa की दीवानी थी, Parveen Babi डैनी से बहुत मोहब्बत करती थी, पर यह रिश्ता ज़्यादा वक्त तक नहीं चल सका I
Danny से ब्रेकअप के बाद परवीन फिर एक बार अकेली हो गई, और इस अकेलेपन की वजह से परवीन के मानसिक हालत पर असर होने लगा, लेकिन परवीन ने हार नहीं मानी अपनी मानसिक हालात से लड़ कर फिर से अपने करियर ध्यान दिया I
फिर साल 1974 में Parveen Babi की पहली सुपरहिट फिल्म “Majboor” रिलीज हुई, यह Parveen Babi की पहली कामयाब फिल्म थी, इस फिल्म में Parveen Babi के साथ दिग्गज अभिनेता Amitabh Bachchan मुख्य किरदार में थे, इसके बाद 1975 में परवीन के दूसरे हिट फिल्म “Deewaar” आए, और इसमें भी उनके साथ अमिताभ बच्चन ही मुख्य किरदार में थे, इस फिल्म में निभाई हुए परवीन के बोल्ड किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया I
साल 1977 में उस दौर के निर्देशक, निर्माता मनमोहन देसाई की फिल्म Amar Akbar Anthony में एक बार फिर से अमिताभ बच्चन के साथ नजर आए, इसी के साथ “काला पत्थर” और “सुहाग” फिल्म में शशि कपूर के साथ काम किया, इसके बाद साल 1981 में “क्रांति” और “कालिया” जैसी फिल्मों में अभिनय करके हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई, और एक मशहूर और कामयाब अदाकारा के रूप में उभरी I
Parveen Babi के शानदार नृत्य कला के लोग दीवाने थे, क्रांति फिल्म में परवीन के अलावा हेमा मालिनी भी मुख्य किरदार में थे, हेमा मालिनी जैसी दिग्गज अदाकारा के होते हुए भी क्रांति फिल्म के एक गाने की वजह से परवीन ने बाजी अपने नाम की, और इस फिल्म में अपने मौजूदगी का एहसास करवाया I
इसके बाद परवीन की वह फिल्म आई जिस ने उन्हें कामयाबी के शिकार पर पहुंचाया, और वह फिल्म थी “नमक हलाल” इस फिल्म में फिर एक बार अदाकार अमिताभ बच्चन उनके साथ नजर आए I परवीन अपने दौर की एक ऐसी अदाकारा रही जिसने हिंदुस्तानी फिल्मों में सूट, सलवार और साड़ी पहनने वाली अभिनेत्री के पहनावे को बदल कर दिखा दिया, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेत्रीओं के छवि को पूरी तरह से बदल डाली I
Parveen Babi ने इंडस्ट्री के लोगों को यह सिखाया कि किस तरह से फिल्मों में हीरोइन को बोल्ड और ग्लैमरस दिखाया जा सकता है, और इंडस्ट्री में यह पहले अदाकारा थीं जिन्होंने बोल्ड और ग्लैमरस अदाकारा की नई परंपरा शुरू कि I
Parveen Babi ना सिर्फ हिंदुस्तान में बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर थी, साल 1976 में मशहूर मैगजीन Time ने अपने कवर पर परवीन की फोटो छप दी, उस दौर में परवीन Time Magazine के कवर पर आने वाली हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की पहली शख्सियत थी I
फिर साल आया 1983 जिसने परवीन को हमेशा के लिए ही सिल्वर स्क्रीन से दूर कर दिया, USA चली गई और
कैलिफोर्निया में इंटीरियर डिजाइनर के तौर पर काम करने लगी, USA जाने के पीछे वजह थी उनके मन के अशांति और उनका अकेलापन और उन्हें अपनी जिंदगी में मिले धोखों का उन पर काफी गहरा असर हुआ था I
कुछ लोग कहते हैं कि परवीन अंडरवर्ल्ड के लोगों से परेशान थी, और इसी वजह से USA चली गई, विदेश में परवीन के दिमागी हालत बार-बार बिगड़ने लगे, एक बार जब वह एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्रैवलिंग कर रही थी, तो उस एयरपोर्ट के ऑफिसर ने उनसे उनकी पहचान पूछी तो उस वक्त परवीन अपनी पहचान बताने से हिचकीचा रही थी I
वह अपना परिचय नहीं दे पा रही थी इसी वजह से वहां के ऑफिसर ने उन्हें हथकड़ी लगाकर वहां के पागलखाने भेज दिया, तब भारतीय एंबेसी ने परवीन की मदद की और इस मामले को सुलझाया I
इन सब मामलों के दौरान यह बात साफ हो चुकी थी परवीन डायबिटीज और Paranoid Schizophrenia { पैरानॉइड सिज़ोफ्रेनिया } जैसी खतरनाक दिमागी बीमारी का शिकार हो चुकी है, इस बीमारी में इंसान वास्तव जिंदगी छोड़कर एक अलग ही जिंदगी जीता है, वह अपनी दिमाग की बनाई हुई ही जिंदगी में जीता रहता है, लेकिन परवीन अपने इस बीमारी को कभी एक्सेप्ट नहीं कर पाई I
Parveen Babi अमिताभ बच्चन एक बहुत ही बड़े गैंगस्टर है…
1989 में Parveen Babi हिंदुस्तान वापस आई आते ही उन्होंने अदाकार अमिताभ बच्चन पर गंभीर आरोप लगाये, और उन पर केस तक कर दिया कि अमिताभ उन्हें मार देंगे, तब कोर्ट ने परवीन से अमिताभ बच्चन के खिलाफ सबूत मांगे, लेकिन परवीन के पास कोई भी सबूत नहीं था I
क्योंकि उनके दिमाग की हालत ठीक नहीं थी और उनके दिल में एक डर बैठा था इसी वजह से उन्हें ऐसा लगता था कि उन्हें कोई जान से मार डालेगा, वह मानसिक रूप से बीमार थी I साल 1989 में ही परवीन ने एक मैग्जीन को दिए हुए इंटरव्यू में कहा था कि अदाकार अमिताभ बच्चन एक बहुत ही बड़े गैंगस्टर है और उनके गुंडो ने मुझे किडनैप करके एक सुनसान टापू पर रखा था, और वहां पर मेरे कानों के पीछे ऑपरेशन करके एक ट्रांसमीटर लगा दिया था I
Parveen Babi को हमेशा से इस बात का डर था कि उन्हें कोई मार देगा, और इसी वजह से वह मीडिया और अपने जान पहचान वाले लोगों से दूर रहती थी, और अगर वह कभी किसी से मिलती भी थी तो अपने जुहू वाले प्लॉट पर, और वह वहां होने वाली सारी बातचीत डिक्टेफोन रिकॉर्ड करती थी, डिक्टेफोन एक ऐसी मशीन थी जो बोले हुए शब्दों को टाइप में लिखने का काम करता था I
अपनी सोच और अपने कहे हुए हर एक बात वह रिकॉर्ड करती थी I कौन मिलने आया है और कौन गया यह सारी बातें वह रिकॉर्ड करती थी, यहां तक कि वह डेट और टाइम भी रिकॉर्ड करती थी, अगर वह टेलीफोन पर कभी किसी से बात भी करती तो यह कहते कि उनकी कॉल Surveillance निगरानी में है, और जो कुछ आप कहना चाहते हैं वह सोच समझकर कहिए I
अपनी मौत की कुछ दिन पहले Parveen Babi ने क्रिसमिस डिनर किया था, और उस डिनर पर सात मेहमान आए थे, और उनके नाम भी इन्होंने डिक्टेफोन में रिकॉर्ड किए थे, यह रिकॉर्डिंग आज भी महाराष्ट्र पुलिस के पास मौजूद और सुरक्षित है I
Parveen Babi का ऑस्ट्रेलियाई दीवाना :
Parveen Babi के चाहने वालों कि लिस्ट बहुत लंबी है, परवीन बाबी के लिए सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं विदेश में भी चाहने वाले थे, एक शख्स तो ऐसे थे जो उनके दीवानगी में अपना शहर, अपना घर कारोबार तक छोड़ हमेशा के लिए हिंदुस्तान शिफ्ट हुए, और वह थे Robert John Christo जिन्हें लोग Bob Christo के नाम से भी जानते हैं I
यह एक ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय सिविल इंजीनियर थे, जो हिंदुस्तानी फिल्मों में विलेन के रूप में काम करते थे, दिग्गज अदाकार संजय खान की फिल्म“अब्दुल्ला” से बॉब ने हिंदी फिल्मों में अपनी शुरुआत की थी I बॉब ने सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि Tamil, Telugu, Malayalam, Kannada और Punjabi लैंग्वेज में 80 और 90 के दशक में 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, “कालिया” और “मिस्टर इंडिया” जैसे फिल्मों में काम करने के बाद वह खलनायक के रूप में खूब मशहूर हुए थे I
फिल्मों में आने से पहले बॉब ने Parveen Babi को Time Magazine के कवर पर देखकर उनकी खूबसूरती और स्टाइल के दीवाने हुए थे, वह परवीन को इस कदर पसंद करते थे कि परवीन के लिए अपने नौकरी घर यहां तक की अपना पैदाइशी शहर तक छोड़ वह हमेशा के लिए हिंदुस्तान शिफ्ट हुए, वह परवीन को दिलो जान से ज्यादा चाहते थे, पर अफसोस उन्हें परवीन का साथ तक नहीं मिला I
Parveen Babi के जिंदगी में कुछ लोगों ने घर बनाया, लेकिन वह घर कभी पूरा नहीं हो सका, सबसे पहले नाम आता है danny denzongpa डैनी डेन्जोंगपा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जाने माने अदाकार है, डैनी और परवीन लगभग 4 साल तक रिश्ते में थे, और यह दोनों लिव-इन रिलेशनशिप रहते थे, लेकिन डैनी ने परवीन के दिल में तो घर बनाया, लेकिन जिंदगी में कभी नहीं बना पाए I
इसके बाद Parveen Babi के जिंदगी में उस दौर के मशहूर और दिग्गज अदाकार अमिताभ बच्चन ने दस्तक दी, लेकिन अमिताभ पहले से ही शादीशुदा थे इसी वजह से यह रिश्ता शुरू होने से पहले ही खत्म हुआ, अमिताभ बच्चन और परवीन ने बहुत से सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है I
अमिताभ बच्चन के बाद परवीन का रिश्ता अभिनेता कबीर बेदी के साथ जोड़ा गया, कबीर पहले से ही शादीशुदा थे, कबीर और परवीन ने साथ में बहुत सी फिल्मों में काम किया था जिसके चलते इन दोनों के बीच बहुत नजदीकियां थीं, इसी दौरान परवीन की दिमागी बिगड़ रही थी, और जब कबीर ने उन्हें उसे अच्छी दिमाग में डॉक्टर को दिखाकर अपना इलाज करने के लिए समझ रहे थे उस वक्त से इन दोनों के रिश्ते में अनबन शुरू हुई, और थक हार कर यह रिश्ता भी यहीं खत्म हुआ I
अब नाम आता है एक ऐसे शख्स का जो Parveen Babi से दिलो जान से ज्यादा मोहब्बत करते थे, वह शख्स से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर डायरेक्टर महेश भट्ट, परवीन और महेश भट्ट यह दोनों एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते थे, और महेश परवीन के प्यार में इस कदर दीवाने थे कि वह अपने प्यार के लिए अपनी पत्नी और अपने बच्चों को छोड़ दिया था I
जब महेश और प्रवीण साथ में रहने लगे तो कुछ वक्त के बाद महेश भट्ट को पता चला कि Parveen Babi को Paranoid Schizophrenia नमक दिमागी बीमारी है, तब महेश ने इस रिश्ते को खत्म करना ही सही समझा, महेश भट्ट ने खुद इंटरव्यू में यह बात कही थी कि जिस वक्त जिस दिन Parveen Babi का निधन हुआ, तब मुझे यह एहसास हुआ कि परवीन मेरे यादों में हमेशा जिंदा रही है I
Parveen Babi का पागलपन यह पुरानी कहानी है, पर शायद ही यह कोईसमझ सकता है की एक पागल व्यक्ति के साथ कैसे रहा जा सकता है, परवीन जब दिमागी बीमारी से लड़ रही थी तो महेश ने उनकी बहुत मदद की थी I महेश भट्ट यह भी कहते हैं कि एक दिन जब मैं उससे मिलने उसके घर गया तब उसकी मां ने कहां की देखो मेरी बेटी किस तरह से अजीब बर्ताव कर रही है, महेश भट्ट ने परवीन के कमरे में झांक कर देखा तो वह कमरे के एक कोने में हाथों में चाकू लेकर बैठी थी I
जब महेश ने कहा कि यह क्या है Parveen Babi तब वह कहती है कि कोई मुझे मारना चाहता है यहां पर एक अदृश्य चीज है जो मुझे मारने आई है, परवीन के यह शब्द सुन महेश भट्ट बहुत परेशान हो गए I 1982 में महेश भट्ट ने एक फिल्म की कहानी लिखी थी, वह फिल्म थी “Arth” यह एक तरह से देखा जाए तो यह फिल्म की कहानी महेश भट्ट और परवीन के रिश्ते पर आधारित थी I
साल 2006 में परवीन के निधन के बाद महेश भट्ट ने इस फिल्म को फिर से दोहराया “Woh Lamhe” इस फिल्म में भी महेश भट्ट और परवीन के रिश्ते की कहानी नजर आती है, ऐसे भी कहा जाता है कि महेश भट्ट और परवीन का रिश्ते और उनकी नाकाम मोहब्बत ही परवीन के मौत की वजह बनी, महेश भट्ट से अलग होने के बाद फिल्मों से दूरी बना ली और हमेशा ही अलग और तन्हा रहा करती थी, और इसी वजह से उन्होंने कभी शादी नहीं की, परवीन सच्चे प्यार के लिए जिंदगी भर तरसती रही लेकिन वह उन्हें मिल ना सका I
महेश भट्ट से रिश्ता टूटने के बाद परवीन पूरी तरह से टूट चुकी थी, एक तरफ महेश से रिश्ता टूटने का गहरा सदमा और दूसरी तरफ दिमागी बीमारी से परेशान, इन दोनों बातों की वजह से आखिरकार थक हार परवीन 22 जनवरी 2005 को अलविदा कह गई अलविदा भी ऐसे की किसी को पता तक नहीं चला, अकेलापन और तन्हाई में वह दुनिया को छोड़ गई I परवीन के घर के दरवाजे के बाहर दो दिन से अखबार और दूध के पैकेट जैसे कि वैसे पड़े थे, और जब उनके फ्लैट से बदबू आने लगी तब आस पड़ोस के लोगों ने पुलिस में खबर दी I
खबर मिलने के बाद जब परवीन के प्लाट पर पुलिस आए तो दरवाजा अंदर से बंद था तो पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और अंदर जाकर देखा तो परवीन की लाश बेड पर पड़ी मिली, पोस्टमार्टम में यह पता चला कि परवीन की मौत किडनी फेल और शरीर के बाकी अंग काम न करने की वजह से हुई, मतलब Multiple Organ Failure इसी के साथ यह भी बताया जाता है कि परवीन को शुगर की बीमारी थी और साथ ही पैर की बीमारी से भी पीड़ित थी जिसके चलते वह कहीं भी आ जा नहीं सकती थी I
बंद कमरे के अंदर परवीन ने इतनी खामोशी से इस दुनिया को छोड़ गई कि किसी को भी खबर नहीं मिली, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा लगता है कि परवीन की मौत दो दिन पहले यानी 20 जनवरी 2005 को हुई थी, हालांकि परवीन जन्म से मुसलमान थी लेकिन उन्होंने बाद में ईसाई धर्म अपनाया था I परवीन ने जाते-जाते कई लोगों का भला कर गई उन्होंने अपने 80% प्रॉपर्टी को गरीब लोगों को दान में दिया, जिसमें 70% फ़ीसदी हिस्सा पठान के बाबी जनजाति के नाम किया, 10 फ़ीसदी हिस्सा ईसाई गरीबों के नाम किया I
एक कामयाब, मशहूर और खूबसूरत अदाकारा की मौत यू गुमनाम और तनहाई में होना यह बहुत बड़ी अफसोस और दुख की बात है, लेकिन फिल्मी दुनिया का यही सच है कि जब किसी का सूरज उगता है तो सब उसे सलाम करते हैं और जब वही सूरज डूबने लगता है तो आसपास कोई भी दिखाई नहीं देता I सलाम है ऐसे खूबसूरत, बोल्ड, सफल और मशहूर अदाकारा को की जिसने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की अदाकारओ के तौर तरीके, पहनावे और अंदाज को बदला, रहती दुनिया तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में परवीन बाबी का नाम हमेशा लिया जाएगा I
तो यह थी दोस्तों हिंदुस्तान के फिल्म इंडस्ट्री की पहली बोल्ड अदाकारा Parveen Babi के जीवन का परिचय I