Shotgun Of हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री Bihari Babu….

Shotgun Of हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री उर्फ बिहारी बाबू के नाम से मशहूर एक कामयाब अदाकार जो हिंदी फिल्मों में अपनी दमदार आवाज, ओर रौबदार अंदाज के लिए मशहूर रहे, सब को खामोश करने वाले ये दिग्गज अदाकार, जिन्होंने अपने बेबाक बयानों से फिल्मों से लेकर राजनीति तक हमेशा सुर्खियां बटोरीं, और विवादों से भी घिरे रहे I 1970 और 80 के दशक में ये अदाकार हिंदी फिल्मों में जमकर धमाल मचाते रहे, और हीरो से लेकर विलन तक के हर रोल में खुद को पर्फेक्ट साबित किया। कास्टिंग काउच और मीटू विवाद के समय ये बहुत सुर्खियों में रहे, और महिलाओं ने उनकी जमकर आलोचना की, हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीति तक कई जाने माने शख्सियत के साथ अपने  झगड़े को लेकर हमेशा काफी सुर्खियों में थे, और भारतीय जनता पार्टी यानी BJP में रहते हुए उसके फैसलों के खिलाफ़ आग उगलते रहे। ये अदाकार अपने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह से उस दौर में इतने बदनाम हुए, कि आज भी उसकी चर्चा होती रहती है, और इस अदाकार ने एक इंटरव्यू में खुद ये बात कबूल की थी, कि ये अपने पत्नी को कई बार धोखा दे चूके हैं I 

तो आज हम जानेंगें हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के 70 और 80 के दशक के जाने माने मशहूर अदाकार और  राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा जो Shotgun उर्फ बिहारी बाबू के नाम से मशहूर है I 70 और 80 के दशक में शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने दमदार अदाकारी और शानदार डायलॉग डिलीवरी से दर्शकों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। हालांकि अपने सांवले रंग और कटे चेहरे की वजह से हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए बहुत से मुश्किलों और परेशानियों का सामना करना पड़ा, और निराश होकर इन्होंने अपने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी तक करवाने की कोशिश की I 

  शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने करियर की दूसरी पारी में राजनीति में कदम रखा, और  यूनियन मिनिस्टर बनने वाले ये हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के पहले अभिनेता रहे, इन्होंने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अपना बहुत नाम कमाया और ऐसी ही चर्चा इनकी राजनीति में भी कायम रही। लेकिन अपने बेबाक और मुंहफट अंदाज के वजह से फ़िल्म इंडस्ट्री में और राजनीति में भी यह अपने अच्छे दोस्त नहीं बना सके, और इनके लिए हमेशा यही कहा गया कि ये बीजेपी पार्टी में रहकर विपक्ष पार्टियों से मेलजोल बढ़ाने वाले नेता है I 

  हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में बिहारी बाबू कहे जाने वाले शत्रुघ्न सिन्हा का जन्म 9 दिसंबर 1945 को बिहार के पटना में हुआ, इनकी माँ का नाम श्यामा देवी था, और इनके पिता क नाम भुवनेश्वरी प्रसाद सिन्हा था, और ये बिहार के जाने माने शख्सियत थे। भुवनेश्वर जी पेशे से एक डॉक्टर थे, और पटना के Government College Of Health And Physics के संस्थापक थे। भुवनेश्वर जी को चार बेटे थे राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न और इन चारों भाइयों में शत्रुघ्न सबसे छोटे थे, इनके तीनों बड़े भाई Scientist Doctor और Engineer बने। माता पिता चाहते थे कि शत्रुघ्न भी अपने बड़े भाइयों की तरह ऐसे ही किसी प्रोफ़ेशन में अपना करियर शुरू करें, लेकिन शत्रुघ्न को बचपन से ही फिल्मों में एक्टिंग करने में दिलचस्पी थी, पटना के साइन्स कॉलेज से अपना ग्रैजुएशन कंप्लीट करने के बाद अपने माता पिता के मर्जी के बगैर ये पुणे चले गए, और FTI से यानी Film and Television Institute of India से एक्टिंग कोर्स करने लगे। पटना से पुणे जाने वाली ट्रेन में ही शत्रुघ्न की मुलाकात Poonam Chandiramani से हुई थी, जो इनकी जीवन साथी भी बने। 

  अपना एक्टिंग कोर्स पूरा कर मुंबई पहुंचे शत्रुघ्न का फिल्मों में करियर बनाना इतना आसान नहीं था, मुंबई पहुंचने के बाद शत्रुघ्न ने खूब स्ट्रगल किया, जैसे कि ज़्यादातर अदाकार करते हैं, हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में इनका कोई भी गॉडफादर नहीं था, उनके सांवला रंग और चेहरे पर कट होने से इन्हें हिंदी फिल्मों में हीरो का रोल मिलना एक सपने से कम नहीं था। हताश होकर शत्रुघ्न ने अपने चेहरे पर कटे हुए निशान के प्लास्टिक सर्जरी कराने की ठान ली, लेकिन दिग्गज और महान अदाकार Dev Anand Saheb ने इन्हें समझाया, अपनी फ़िल्म Prem Pujari में एक छोटा सा रोल दे दिया। हालांकि इस फ़िल्म के रिलीज में थोड़ी देर हुई, और शत्रुघ्न सिन्हा की पहली रिलीज फ़िल्म बने 1969 में Mohan Sehgal की फ़िल्म “Sajan” I 

  विवादों से शत्रुघ्न सिन्हा का नाता ऐसा रहा जैसे कि चोली और दामन, और विवादों की शुरुआत इनकी पहली फ़िल्म सजन से ही शुरू हुई, बताया जाता है कि साजन फ़िल्म के सेट पर इस फ़िल्म की अदाकारा Asha Parekh के साथ इस फ़िल्म के एक सीन में शत्रुघ्न को आशा पारेख का हाथ पकड़ना था। फिल्मों के एक्टिंग स्किल्स को न जानने की वजह से शत्रुघ्न ने आशा पारेख का हाथ ज़ोर से पकड़ा और इसी वजह से आशा पारेख ने इन पर छेड़खानी का आरोप लगाया, और फ़िल्म के सेट पर विवाद शुरू हुआ, बताते है की इस घटना के बाद शत्रुघ्न और आशा पारेख के बीच में कई सालों तक बातचीत बंद रहीं I  

  धीरे धीरे शत्रुघ्न सिन्हा को फ़िल्म मिलने लगे और उनका करियर शुरू हुआ, और इन्हें फिल्मों में अच्छे किरदार मिलने लगे, शत्रुघ्न सिन्हा ने दर्जनों हिट फ़िल्में हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को दिये, और देश भर में एक दमदार अदाकार के तौर पर उभरे, फिल्मों में कभी हीरो बनते हैं तो कभी खलनायक बनकर दर्शकों के तालियों से नवाजे जाते। एक्टिंग के साथ साथ शत्रुघ्न सिन्हा अपने गुस्से की वजह से भी मशहूर रहे, अपने दौर में अमिताभ बच्चन के साथ उनकी तनातनी ने खूब सुर्खियां बटोरीं I

  साल 1970 में के दशक में अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा काफी अच्छे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन धीरे धीरे इनकी दोस्ती में खटास आ गई, जिसके चलते वे दोनों एक दूसरे को देखना तक पसंद नहीं करते थे I  Naseeb, Shaan, Dostana और Kaala Patthar जैसे कई हिट फिल्मों में दोनों ने साथ काम किया, लेकिन काला पत्थर फ़िल्म के शूटिंग के दौरान इन दोनों के बीच कहासुनी बढ़ने लगी थी I शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी ऑटोबायोग्राफी। Anything But Khamosh में बताया कि दोनों के दोस्ती के बीच उस दौरान Ego आ गई थी, अमिताभ बच्चन को लगता था कि शत्रुघ्न सिन्हा उन पर भारी पड़ रहे हैं। 

शत्रुघ्न ने अपने ऑटोबायोग्राफी में काला पत्थर फ़िल्म की शूटिंग के दौरान हुए एक घटना का जिक्र भी किया है, फ़िल्म के स्क्रिप्ट के अनुसार शत्रुघ्न को बताया गया था, कि अमिताभ और इनके बीच में बराबरी की लड़ाई होगी, लेकिन जब एक सीन की शूटिंग शुरू हुई, तो बिल्कुल ही स्क्रिप्ट के उलट हुआ, और अमिताभ शत्रुघ्न को बहुत बुरी तरह से पीटने लगे, वही सेट पर मौजूद अदाकार शशि कपूर को जब इन दोनों के बीच की लड़ाई का संदेह हुआ, तो इन्होंने फौरन इन दोनों को अलग करवाया बताया जाता है की इस घटना के बाद से शत्रुघ्न और अमिताभ के दोस्ती के बीच दरार आ गई। 

  इस घटना के लगभग 28 साल बाद अमिताभ ने जब अपने बेटे अभिषेक की शादी की तो शत्रुघ्न को इनवाइट नहीं किया, लेकिन उन्होंने शत्रुघ्न के घर शादी की मिठाई भिजवाईं थी, और इस बात से शत्रुघ्न काफी नाराज हुए, और मिठाई लौटाते हुए कहा कि अमिताभ इसके बजाय एक फ़ोन कर लेते तो बहुत बेहतर होता I अभी के रीसेंट में दिए हुए इंटरव्यू में शत्रुघ्न ने बताया कि अब उनके और अमिताभ के बीच रिश्ते बेहतर हुए हैं, और शत्रुघ्न अब भी अमिताभ को अपना दोस्त मानते हैं I

लेकिन इसी के साथ ही अपनी ऑटोबायोग्राफी Anything But Khamosh में उन्होंने ये भी दावा किया है की इन्हें बहुत से फ़िल्में अमिताभ की वजह से छोड़नी पड़ी, और इस किताब में इस बात का भी खुलासा किया, कि इनके अच्छे अभिनय की वजह से अमिताभ हमेशा इनसे जलते थे, जबकि शत्रुघ्न की वजह से बहुत से फ़िल्में अमिताभ को मिली थी, पर इस बात में कितनी सच्चाई है ये कहना ज़रा मुश्किल है।

सिन्हा के Affairs और Extra Marital Affairs :

 शत्रुघ्न सिन्हा अपने अफेयर और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह से अपने दौर में खूब सुर्खियों में थे, 1970 और 80 के दशक में शत्रुघ्न सिन्हा और अदाकारा Reena Roy ने बहुत सी फिल्मों में साथ काम किया, और फिल्मों में साथ काम करने के दौरान इन दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई, और दोनों लगभग 7 साल रिश्ते में रहे I  कभी प्यार, कभी तकरार के साथ इन दोनों ने बहुत से फिल्मों में साथ काम किया, और एक दूसरे के मोहब्बत में डूबे रहे, लेकिन शायद शत्रुघ्न रीना रॉय के साथ रिश्ते में रहकर और भी ऑप्शन्स ढूंढ रहे थे, अपने जीवनसाथी के लिए किसी बेहतर की तलाश में थे I 

  एक बार रीना रॉय किसी काम की सिलसिले से लंदन गई तब शत्रुघ्न सिन्हा ने रीना रॉय के पीठ पीछे पूनम नाम के एक लड़की से 9 जुलाई 1980 में शादी कर ली, और पूनम एक सिंधी परिवार से ताल्लुक रखती थी, और Miss India Young का खिताब भी अपने नाम कर चुकी थी, और इसी के साथ पूनम कुछ फिल्मों में भी काम कर चुकी थी, और तो और एक दो फिल्मों में  शत्रुघ्न ने पूनम के साथ ही काम किया था। इस सबसे पहले इन दोनों की पहली मुलाकात एक ट्रेन के डिब्बे में हुई थी, जहाँ पहली बार शत्रुघ्न बिहार से पुणे अभिनय सीखने जा रहे थे I 

  साल 1980 में ये शादी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री से लेकर पूरे हिंदुस्तान में आग की तरह फैल गई, क्योंकि वो वक्त यह बात सबको पता थी कि शत्रुघ्न रीना रॉय के साथ रिश्ते में थे, और रीना के साथ रिश्ते में होते हुए अचानक किसी और से शादी की ये खबर सुन सब दंग रह गए। जब यह खबर रीना को पता चली तब वो तो पूरी तरह से टूट चुकी थी, पहला तो शत्रुघ्न सिन्हा से प्यार में धोखा मिला, और दूसरी बात ये कि शत्रुघ्न सिन्हा के साथ खुले आम नाम जुड़ने की वजह से मीडिया के सवालों का जवाब देना भी इनके लिए एक चुनौती बन गई, उस दौर में रीना रॉय का एक गाना काफी मशहूर हुआ था, “ शीशा दो दिल हों आखिर टूट जाता है I”  इस गाने के लिरिक्स में रीना रॉय के उस वक्त की तकलीफ को समझा जा सकता है, बताया जाता है की मुश्किल हालातों से जूझ रही रीना रॉय के पास तो 1 दिन अचानक शत्रुघ्न सिन्हा मिलने पहुंचे, भला बुरा गिले शिकवे सुने और सुनाए गए, ओर रीना की आंख से आंसू बहते रहे, और जिसके धोखे की वजह से रीना पूरी तरह से टूट चुकी थी, उसी के कंधे पर सिर रखकर रो रही थी। लेकिन वो इमोशन और अकेले पन की वजह से जूझ रही थी, और अपने अकेलापन को दूर करने के लिए रीना रॉय फिर से शत्रुघ्न सिन्हा के करीब आ गई I 

  शत्रुघ्न सिन्हा के हिम्मत की तो दाद देनी पड़ेगी, इनकी गैरत तो देखिये की एक तरफ घरवाली और एक तरफ बाहरवाली के अंदाज में दोनों औरतों को बेवकूफ़ बना रहे थे, और दोनों ही तरफ खुद खूब मज़े कर रहे थे, जो कोई  एक गैरतमंद और इज्जतदार इंसान कभी नहीं करेगा। इसमें ताज्जुब की बात यह रही कि शादी के बाद भी शत्रुघ्न और रीना रॉय के बीच काफी लंबे समय तक Extra Marital Affairs चलता रहा, और इसमें ताज्जुब के बात ये रही कि शत्रुघ्न की पत्नी पूनम को इस बात की पूरी खबर थी, और वो हमेशा इस बात पर खामोश रही, और जया बच्चन की तरह सिर्फ एक कामयाब अदाकार की बीवी बनकर घर पर रही, और उनके बच्चों को संभालतीं रही। 

  एक इंटरव्यू में शत्रुघ्न सिन्हा ने ये बात कुबूल की है, कि उन्होंने कई बार अपनी पत्नी को धोखा दिया, और एक बार तो खुद उनकी पत्नी ने इन्हें रंगे हाथों पकड़ा था I शत्रुघ्न ने बताया की कैरिअर की कामयाबी इनके सर चढ़ने की वजह से इन्हें लगने लगा था की इन्हें कोई भी लड़की आसानी से मिल जाएगी, जिसकी वजह से ये घमंड में आकर ऐसी हरकतें करते थे, और बार – बार फिसलते रहे, जो इनकी मानसिक दिवालियापन की तस्दीक करता है।

 हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान पूनम सिन्हा ने इस मु्द्दे पर चर्चा करते हुए रीना रॉय और शत्रुघ्न सिन्हा की शादी ना होने की वजह खुलासा किया, कि शत्रुघ्न सिन्हा एक ऐसी लड़की से शादी नहीं करना चाहते थे, जिसपर वह विश्वास नहीं करते, लेकिन शत्रुघ्न अपने प्यार को भुला नहीं पा रहे थे, और अपनी पत्नी और परिवार वालों के लाख समझाने के बाद ये रीना से अलग हो गए और, अपनी पत्नी के पास लौट आए। शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम सिन्हा के तीन बच्चे हैं, पहले इनकी दो जुड़वा बेटे लव और कुश और छोटी बेटी सोनाक्षी सिन्हा, शत्रुघ्न के बड़े बेटे लव सिन्हा एक अदाकार और पॉलिटिशियन है, लव ने एक या दो फिल्मों में ही का किया है। शत्रुघ्न की बेटी सोनाक्षी सिन्हा ने अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए, अपना करियर फिल्मों में बनाया है, और आज वो एक कामयाब अदाकारा के तौर पर जानी जाती है। 

   शत्रुघ्न सिन्हा से जुड़े हुए एक और विवाद की बात करें तो फिल्मों में अदाकाराओं के साथ बुरे व्यवहारों ने मीटू अभियान का रूप लिया, तब बहुत से अभिनेत्रियों ने आगे आकर अपने साथ हुए बुरी घटना की बात दुनिया को बतानी शुरू की उस वक्त फ़िल्म इंडस्ट्री का बचाव करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने ये बयान दिया कि “कोई भी अभिनेत्री बिना सबूत के किसी भी बड़े आदमी पर इल्ज़ाम लगाती है, तो इसे कैसे सही करार दिया जा सकता है, इस मामले में सब को फ़िल्म इंडस्ट्री के साथ खड़े रहना चाहिए।” शत्रुघ्न के इस बयान के बाद महिलाओं का एक बड़ा ग्रुप भड़का और शत्रुघ्न की जमकर खूब आलोचना हुई। कुछ महिलाओं ने यह तक कह दिया कि शायद जरूर इन्होंने भी किसी महिला के साथ बुरा किया होगा, जिसकी वजह से ये डर कर ऐसा बयान दे रहे हैं। 

कास्टिंग काउच विवाद : 

दरअसल कुछ साल पहले हुए कास्टिंग काउच विवाद में भी शत्रुघ्न सिन्हा ने उस बयान का बचाव किया, जिसे बहुत विवादित माना गया, जानी मानी मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान ने अपने बयान में कहा था कि “कोई भी लड़की फ़िल्म इंडस्ट्री में आकर कास्टिंग काउच का शिकार होती है, तो वो उसकी मर्जी है।” सरोज खान के इस बयान के बाद देश में काफी विवाद हुआ। तब भी शत्रुघ्न सिन्हा ने इस बयान का बचाव करते हुए यह कहा था, “सरोज खान ने कुछ भी झूठ नहीं कहा हो सकता है कि सरोज खान भी किसी इस तरह के अनुभव से गुजरी हो जिससे उन्हें इस मामले का ज्ञान हुआ हो I कास्टिंग काउच सिर्फ फ़िल्म इंडस्ट्री में ही नहीं बल्कि राजनीति में भी होता है I” शत्रुघ्न सिन्हा के इस बयान की भी काफी आलोचना हुई। शत्रुघ्न सिन्हा के गुस्से का शिकार एक बार फ़िल्म इंडस्ट्री के मशहूर निर्माता, निर्देशक Karan Johar भी हुए, दरअसल जब देश में फ़िल्म अदाकार Sushant Singh Rajput के मौत के मामले में काफी विवाद हो रहे थे, उस वक्त सिन्हा करण जौहर के शो Koffee with Karan को विवादों को जन्म देने वाला शो कहा I उन्होंने कहा की “टीवी के ‘कॉफी विद अर्जुन’ जैसे शो विवादों को जन्म देने का काम करते हैं। शत्रुघ्न ने “विवादित फ़िल्म “The Kerala Story” और “The Kashmir Files” जैसे फिल्मों पर अपने विचार रखते हुए कहा, की अगर कोई फ़िल्म राज्य के शांति के लिए खतरा पैदा करती है, तो उस पर रोक लगाना जरूरी है I हर इंसान के पास अभिव्यक्ति की आजादी है, लेकिन उससे कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं चाहिए, संवेदनशील मुद्दों पर फ़िल्म बनानी चाहिए, लेकिन उन्हें संवेदनशील तरीके से बनाया जाना चाहिए, इलेक्शन के समय धर्म परिवर्तन को लेकर ये फ़िल्में क्यों? ये टाइमिंग थोड़ा संदिग्ध लग रहा है।”  

शत्रुघ्न के पॉलिटिकल करियर और इससे जुड़ें विवादों की बात करें, तो ये लगभग 28 साल तक बीजेपी के कद्दावर नेता रहे, दरअसल साल 1992 के नई दिल्ली लोकसभा की सीट पर हुए उपचुनाव के लिए बीजेपी सरकार ने शत्रुघ्न  को दिग्गज अदाकार Rajesh Khanna के खिलाफ़ टिकट दिया था, और इस बात से अदाकारा Rajesh Khanna काफी नाराज हुए, और इसी वजह से शत्रुघन सिन्हा के साथ दोस्ती में हमेशा के लिए दरार आ गई, जबकि राजेश खन्ना ने ये उपचुनाव जीता था, इसके बाद शत्रुघ्न बीजेपी पार्टी के साथ रहे और धीरे धीरे पार्टी में अपनी अच्छी इमेज बनाई I 

   1996 में बिहार से राज्यसभा के सांसद बने, Atal Bihari Vajpayee की सरकार में मंत्री भी बने, और साल 2009 2014 में पटना से लोकसभा का चुनाव भी जीता, और इन्हें उम्मीद थी कि ये 2014 में भी फिर मंत्री बनेंगे,  पर अफसोस कि ऐसा नहीं हुआ, और यहीं से जो शत्रुघ्न सिन्हा का बीजेपी पार्टी से नाराजगी का दौर शुरू हुआ। अब शत्रुघ्न सिन्हा मोदी और उनकी टीम हमला करते हुए नजर आने लगे, कथित तौर पर मोदी और अमित शाह के जोड़ी से नजर एक गुट में शत्रुघन सिन्हा भी गिने जाने लगे। धीरे धीरे शत्रुघन सिन्हा की पहचान बीजेपी में रहकर, विपक्ष पार्टियों से मेलजोल बढ़ने वाले नेता की इमेज बनने लगी।

शत्रुघ्न ने कई मौकों पर अपने ही पार्टी के खिलाफ़ मोर्चे भी खोलें, और कहने लगे कि “मैं बीजेपी में था, हूँ और रहूंगा I मैंने कौन सा गुनाह किया है ? कौन सी पार्टी विरोधी गतिविधि ही है? सच बोलना बगावत है तो हाँ मैं बागी हूँ I दिल्ली के चुनाव में क्या हुआ ? अगर आप लोकल लोगों को अहमियत नहीं दे रहे हैं। जगह जगह से आप लोगों को ला रहे हैं, तो आप निराशा दिखा रहे हैं I शत्रुघ्न ने अपने ही पार्टी के उन नेताओं पर निशाना साधा जिन्होंने बिहार चुनाव के दौरान विवादित बयान दिए, उन्होंने कहा कि “कई लोग देश को तोड़ने के लिए क्या क्या नहीं बोल गए, लेकिन अफसोस कि उनके खिलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई, अगर मैंने कहा की दाल की बढ़ी हुई कीमतों पर नियंत्रण लगाना चाहिए, तो क्या गलत कहा ? मैंने ये अपने देश, पार्टी और जनहित में कहा था I” 

  ऐसा दावा किया जाता है कि शत्रुघ्न की राजनीति ख्वाहिश बिहार के मुख्यमंत्री बनने की भी थी, और बीजेपी ने साल 2015 में बिहार का चुनाव लड़ा तो बीजेपी ने शत्रुघ्न सिन्हा के बजाय बिहार के मुख्यमंत्री का नया चेहरा Sushil Kumar Modi को बनाया। यहाँ तक की शत्रुघ्न को अपने इलेक्शन फाइट करने के लिए, उनके मनपसंद सीट तक नहीं मिली, शत्रुघ्न को ये बात पसंद नहीं आयी, और इस बात से ये नाराज हो होकर बीजेपी की टांग खींचना शुरू किया, और लास्ट में शत्रुघ्न ने बीजेपी पार्टी को छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर हाथ का हाथ थाम लिया, और अब ये फिलहाल TMC यानी की All India Trinamool Congress Mamata Banerjee के साथ है, क्योंकि कुछ दिन कांग्रेस में रहने के बाद ये तृणमूल कांग्रेस से जुड़ गए। 

पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं, और इसी सीट से फिलहाल साल 2024 उसका इलेक्शन लड़ रहे हैं, और इनके बेटे लव सिन्हा ने भी से राजनीति में कदम रखा है, तो वही इनके दूसरी बेटे कुश ने भी राजनीति में अपना कैरिअर बनाने की तैयारी कर रहे, वो अपनी माँ पूनम सिन्हा के तरह ही उत्तर प्रदेश से राजनीति में उतर रहे हैं। जब शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम लखनऊ से समाजवादी पार्टी के टिकट से चुनाव मैदान में उतरी थी, तो इनकी बेटी Sonakshi Sinha ने भी ज़ोर शोर से अपनी माँ के साथ चुनाव प्रचार किया, और रोड शो में भी शामिल हुईं, इसका मतलब ये है की अब पूरा सिन्हा परिवार राजनीति में उतरा है I हाल ही में  शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बयान देते हुए कहा है कि, मैं ममता बनर्जी को PM बनते देखना चाहता हूँ, Firebrand नेता है, ये सही समय है जब देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों महिलाएं ही हो। राजनीति से हटकर   बात करें तो शत्रुघ्न सिन्हा के बारे में एक और बात जो उनके चाहने वालों को हैरान कर देगी, कि इन्हें इनके फिल्मी करियर में अवॉर्ड के लिए कई बार नॉमिनेट तो किया गया, लेकिन एक भी अवॉर्ड नहीं मिला, हालांकि बाद में फ़िल्मफेयर अवार्ड की तरफ से Lifetime Achievement के अवार्ड से नवाजा गया। शत्रुघ्न सिन्हा जुहू में स्थित अपने आलीशान महल रामायण में अपने परिवार के साथ एशो आराम से अपने जिंदगी जी रहे हैं, और उम्मीद करते हैं की शत्रुघ्न सिन्हा फिर से एक बार अपने दमदार आवाज और शानदार अभिनय से फ़िल्मों में काम करते नजर आए। 

तो दोस्तों यह थी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के Shotgun ऊर्फ Bihari Babu के नाम से पहचाने जाने वाले दिग्गज अदाकार शत्रुघ्न सिन्हा के जीवन का परिचय। 

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