कैसे एक ऑस्ट्रेलियाई Civil Engineer हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का मशहूर खलनायक बना…

कैसे एक ऑस्ट्रेलियाई Civil Engineer हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का मशहूर खलनायक बना, यू तो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बहुत से अभिनेत्री और अभिनेता रह चुके हैं, और कुछ तो विलन के रूप में भी मशहूर थे, लेकिन आज हम जानेंगे 1980 और 90 के दशक के ऑस्ट्रेलियाई सिविल इंजीनियर के बारे में जिन्होंने अपनी इंजीनियरिंग छोड़कर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में खूब नाम कमाया I 

हमेशा हमने कि 80 और 90 के दशक में फिल्मों में देखा एक अंग्रेज विलन जो अक्सर फिल्म में हीरो से मार खाता हुआ नजर आता, तो कभी किसी हीरोइन के साथ बदतमीजी करता नजर आता है, वैसे तो इनका किरदार फिल्म में छोटा रहता, लेकिन इनके छोटे रोल काफी Infarct Full हुआ करते, ये फिल्मों में अंग्रेजी विलन की इतनी दमदार एक्टिंग करते कि दर्शक के द्वारा इन्हें खूब सराहना मिलती I 

आज हम जानेंगे की कैसे एक ऑस्ट्रेलिया इस सिविल इंजीनियर का हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आना हुआ, ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 1938 को रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो Robert John Christo का जन्म हुआ, और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें बॉब क्रिस्टो के नाम से पहचान मिली, इनकी मां ग्रीक थी और उनके पिता जर्मन के एक काबिल सिविल इंजीनियर थे, बॉब क्रिस्टो के दो भाई थे Helmut Christo, Mike Christo I 

ऑस्ट्रेलिया के नागरिकता होने के बावजूद भी बॉब क्रिस्टो ने पश्चिम जर्मन में अपना सबसे ज्यादा जीवन बिताया, और ऑस्ट्रेलिया आने के बाद सिविल इंजीनियर के रूप में विशेष योग्यता प्राप्त की I अपने विदेशी शक्ल सूरत और भारी भरकम शरीर और गंजे सर वाले पर्सनालिटी को लेकर बॉब क्रिस्टो 1978 में बॉम्बे यानी मुंबई इंडिया आए, भारत आने से पहले 1974 में एक कर एक्सीडेंट में उनकी पहली पत्नी का निधन हुआ, तब वह अपने बच्चों की परवरिश के लिए vietnam के साथ Muscat, Oman में वर्क परमिट का वेट कर रहे थे I

बॉब क्रिस्टो का हिंदी फिल्मों में आना:

बॉब क्रिस्टो ने 1976 में परवीन बाबी की तस्वीर Time Magazine के कवर पर देखी वह उनके खूबसूरती के दीवाने हो गए और उनसे मिलने भारत आ गए, जिसके बाद उनकी मुलाकात हुई और बॉब क्रिस्टो ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत की I बॉब क्रिस्टो ने 1980 में संजय खान की फिल्म “Abdullah” से अपनी की शुरुआत कि, और तभी उन्होंने हमेशा के लिए ही हिंदुस्तान में रहने का फैसला किया I बॉब क्रिस्टो ने 1970 और 1980 के दशक में बॉलीवुड में खतरनाक खलनायक की भूमिका निभाकर लोकप्रियता हासिल की, उन्होंने अदाकार अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद खन्ना, फिरोज खान और परवीन बाबी जैसे दिग्गज अदाकार के साथ काम किया और एक कामयाब, मशहूर खलनायक के रूप में सफलता हासिल की I

   बॉब क्रिस्टो सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि तमिल, तेलुगु, कन्नड़, पंजाबी और मलयालम जैसे अनेक भाषा में 200 से ज्यादा फिल्मों में विलेन के रूप में काम किया, और एक कामयाब, पॉपुलर खलनायक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई I अदाकार संजय खान ने उन्हें फिल्मों में पहला ब्रेक दिया था, और संजय खान की वजह से ही बॉब क्रिस्टो ने टेलीविजन पर भी काम किया, संजय खान द्वारा निर्देशक धारावाहिक “The Sword of Tipu Sultan” (द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान) एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक टेलीविजन धारावाहिक (टीवी सीरियल) था, जो 1990 के दशक की शुरुआत में दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था। यह धारावाहिक भारतीय इतिहास के महान शासक टीपू सुल्तान के जीवन पर आधारित था, इस धारावाहिक में टीपू सुल्तान की बहादुरी और उनके संघर्ष को हर घर तक पहुंचाया गया I  

इसके बाद साल 1994 में “The Great Maratha” (द ग्रेट मराठा) एक ऐतिहासिक हिंदी टेलीविज़न धारावाहिक था, जो दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ, यह धारावाहिक मराठा साम्राज्य के संस्थापक महान पेशवा माधवराव प्रथम (Madhavrao Peshwa I) के जीवन और कार्यों पर आधारित था, इसे भारतीय टेलीविज़न के सबसे बड़े और ऐतिहासिक धारावाहिकों में गिना जाता है।

साल 2000 की शुरुआत में कर्नाटक के बेंगलुरु शहर रहने चले गए, और वहां बॉब एक Yoga Instructor योग प्रशिक्षक के रूप में काम करने लगे, और 2003 से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से पूरी तरह से दूर हो गए I बॉब क्रिस्टो ने नरगिस नामक एक हिंदुस्तानी लड़की से शादी की जिनसे उन्हें दो बेटे हुए, Sunil Christo, Darius Christo, बॉब क्रिस्टो को उनकी पहली पत्नी से भी दो बेटियां थी और उन दोनों बेटियों को बचपन में ही एक अमेरिकी परिवार ने गोद ले लिया था I 

   साल 2011 में बॉब क्रिस्टो ने अपनी आत्मकथा लिखी जिसका नाम “फ्लैशबैक: माई लाइफ एंड टाइम्स इन बॉलीवुड एंड बियॉन्ड” “Flashback: My Life and Times in Bollywood and Beyond” है, जिसे पेंगुइन बुक्स ने प्रकाशित किया है, इस किताब को बॉब क्रिस्टो और टॉम ऑल्टर ने मिलकर लिखी थी, यह किताब बाकी हिंदुस्तान में जिंदगी गुजरने और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनके अनुभव को दर्शाती है I साल 2011 में 20 मार्च को 72 साल की उम्र में “बाएँ वेंट्रिकल वाल्व के फटने से उनकी मौत हो गई I 

बॉब क्रिस्टो के कुछ कामयाब फिल्में: 

  • कुर्बानी (1980)फिरोज खान की इस फिल्म से ही बॉब क्रिस्टो को पहचान मिली।
    “मिस्टर नटवरलाल” (1979)
  • “डिस्को डांसर” (1982)
  • कर्मा (1986) – सुभाष घई की इस सुपरहिट फिल्म में भी बॉब नजर आए।
    “मर्द” (1985)
  • हम (1991) – अमिताभ बच्चन की इस फिल्म में भी उन्होंने खास रोल किया।
    “मुकद्दर का सिकंदर” (1978)
  • शान (1980) – रमेश सिप्पी की फिल्म, जिसमें बॉब ने निगेटिव शेड वाला किरदार निभाया।
    “कालिया” (1981)
  • मिस्टर इंडिया (1987) – अनिल कपूर और श्रीदेवी की सुपरहिट फिल्म में बॉब का दमदार किरदार।

तो यह थी दोस्तों ऑस्ट्रेलिया से आए एक Civil Engineer रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो उर्फ बॉब क्रिस्टो के जीवन का परिचय I 

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