इस अदाकारा ने अपने बदले लेने के लिए ग़ैर मर्द से संबंध बनाए… खूबसूरती की इंतिहा मासूमियत सी भरी हुई, आँखों में गजब का नशा और हसीन पर्सनालिटी दोस्तों बॉलीवुड में जब भी खूबसूरती की चर्चा होती है, तो कुछ चेहरे हमेशा टाइम्लेस कहलाती है, और उनमें से एक खूबसूरत हसीन चेहरा था अदाकारा पूनम ढिल्लों का I सिर्फ 16 साल की उम्र में स्कूल के यूनिफॉर्म पहने एक साधारण सी लड़की, लेकिन किस्मत ऐसी कि यश चोपडा जैसे दिग्गज शख्स भी उनकी एक झलक देखकर दंग रह गए, की क्या सच में ये लड़की अदाकारा बनने के लिए ही पैदा हुई है I
पूनम ढिल्लों वो नाम जिसने अपनी पहली ही फ़िल्म से पूरे देश का दिल जीत लिया, लेकिन जितनी है पर्दे पर शांत, मासूम और नाजुक दिखती थी, पर्दे के पीछे इनकी जिंदगी उतनी ही उलझी विवादों से भरी हुई, और सेन्सैशनल रही I कभी फिल्ममेकर्स के साथ अफेयर की चर्चाएँ, कभी गुपचुप सगाई की खबरें, तो कभी शादी और उसमें पति से मिला धोखा, और फिर बदले की अजीब दास्ताँ I फिर एक ऐसा फैसला जिसने पूरे फ़िल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया, इस खूबसूरत अदाकारा के निजी जिंदगी में ऐसे ऐसे मोड़ आए जिनके बारे में लोग आज भी अधी अधूरी बात ही जानते हैं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में 18 अप्रैल 1962 को पूनम ढिल्लों का जन्म हुआ, इनके पिता का नाम अमरीक सिंह था जो एक एरोनॉटिक्स इंजीनियर थे, मा का नाम गुरुचरण कौर ढिल्लों था, और वह एक स्कूल प्रिन्सिपल थी, पूनम की बहन का नाम रेशमा ढिल्लों और एक भाई बलजिंदर सिंह ढिल्लों था, और दोनों भाई बहन आगे चलकर पेशेवर डॉक्टर बने I पूनम भी अपनी पढ़ाई में टॉप करती थी और वो भी अपने भाई बहन की तरह डॉक्टर ही बनना चाहती थी,I लेकिन हर एक स्टार के पीछे डेस्टिनी और एक टर्निंग पॉइंट जरूर होता है, और पूनम की जिंदगी में टर्निंग पॉइंट उस वक्त आया जब यह सिर्फ 16 साल की थी I
एक साधारण सी भोली भाली लड़की जो चंडीगढ़ के Carmel Convent School की टॉपर थीं, फिर आगे इन्होंने Punjab University of Chandigarh से अपना ग्रैजुएशन कंप्लीट किया, लेकिन इससे पहले साल 1977 में पूनम ने इत्तेफ़ाक से मिस इंडिया यंग प्रतियोगिता का फार्म भर दिया और मजाक मजाक में काफी आगे तक जा पहुंची I इनका खूबसूरत चेहरा, कातिलाना मुस्कान और लंबे बाल और मासूमियत इस सब का कॉम्बिनेशन कुछ ऐसा रहा की इन्होंने सभी जजेस का दिल जीत लिया, और इस कॉम्पिटिशन के कुछ तस्वीरें अगले दिन अखबार में छप गई I
ऐसा कहा जाता है की उन्हें फोटो को देखकर हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्ममेकर यश चोपडा ने ये कह दिया, की इस लड़की में कुछ बहुत खास है, और वो पूनम से कॉन्टैक्ट करने से खुद को रोक नहीं पाए, फ़ोन कर कहा की “मैं आपकी बेटी को अपनी फ़िल्म में लेना चाहता हूँ”, और ये सुना पूनम के माता पिता चौंक गए, वो तो अपने बेटे को डॉक्टर बनाने की तैयारी में थे, लेकिन इतने बड़े शख्स के कॉल पर वो क्या कहते I फिर चोपडा ने कहा कि “पढ़ाई मत छोड़िए बस समर वेकेशन में हमारे साथ काम कर लीजिये” I पूनम के माता पिता को यश जी की ये सलाह पसंद आई, और फिर यहीं से शुरू हुई पूनम ढिल्लों की फ़िल्म कहानी एक ऐसी कहानी जो कहानी के पहले ही लाइन में ब्लॉकबस्टर बन गई।
पूनम की पहली फ़िल्म :
पूनम की पहली फ़िल्म त्रिशूल साल 1978 में रिलीज हुई, पहले ही फ़िल्म में इनके सामने खड़े थे दिग्गज अदाकार अमिताभ बच्चन, अदाकार शशि कपूर और अदाकार संजीव कुमार जैसे दिग्गज कलाकार, लेकिन जैसे ही पूनम पर्दे पर जादू चला तो सबकी आंखें ठहर गई I लोग कहते हैं कि यश चोपडा ने ‘एक ही फ्रेम में फ्यूचर देख लिया था’, ये फ़िल्म पर्दे पर हिट रही और पूनम रातों रात स्टार बन गई, और चर्चा में आ गई, लेकिन स्टार बनना इतना आसान नहीं होता, उसके लिए सिर्फ खूबसूरत होना ही जरूरी नहीं, बल्कि बाकी फैक्ट भी होना जरूरी होता है, तो पूनम फ़िल्म इंडस्ट्री की प्रैक्टिकल क्लासेज लेती रही, एक्टिंग, डांस और बाकी ज़रूरी चीजें भी सीखती रही I
पूनम को असली कामयाबी मिली साल 1979 में आई फ़िल्म Noori से, एक सिंपल सोलफुल लव स्टोरी, लेकिन इसमें पूनम का इनोसेंट, हार्ट ब्रेक इन जादू सीधे दर्शकों के दिल पर उतर गया, “आजा रहे आजा रे ओह मेरे दिलबर आजा” सुकून देने वाले इस गाने ने देशभर में धूम मचा दी, और Noori फ़िल्म ने पूनम को सिर्फ अदाकारा नहीं बल्कि लाखों जवां दिलों की धड़कन बना दिया I
इसी के साथ पूनम के मेडिकल की पढ़ाई यहीं रुक गई, और शुरू हुआ चमचमाते हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अदाकारा बनने का सफर जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं, पर कामयाबी सिर्फ कुछ गिने चुने लोगों को ही मिल पाती है I इसके बाद पूनम दिग्गज अदाकार राजेश खन्ना के साथ फिल्मा रेड रोज, और अदाकार जितेंद्र के सात फ़िल्म निशाना में काम किया। इसके बाद RK Banner की फ़िल्म बीवी ओ बीवी में नज़र आयीं, पर ये तीनों ही फ़िल्में पर्दे पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पायी I इसी बीच इन्हें राजेश खन्ना के साथ फ़िल्म दर्द और कुमार गौरव के साथ सनम तेरी कसम में काम करने का मौका मिला, और ये फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रही I
इसके बाद पूनम की फ़िल्म आई Sony Mahiwal और इस फ़िल्म ने कामयाबी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, उसके बाद दो और फ़िल्में Teri Meherbaniyan और फ़िल्म Tavaayaf ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिज़नेस किया। फ़िल्म बंटवारा, गिरफ्तार, कर्मा, और नाम में भी पूनम के अदाकारी को दर्शकों ने खूब पसंद किया, इनमें कुछ मल्टीस्टारर फ़िल्में थीं तो कुछ अकेली मुख्य अदाकारा के तौर पर अपने जलवे बिखर रही थी। पूनम ने उस वक्त लगभग सभी बड़े अदाकार के साथ काम किया, और एक मजबूत और मशहूर अदाकारा की पहचान बनाई।
पूनम के विवादस्पद अफेयर :
जिस दौर में पूनम फिल्मों में नयी नयी आयी थी, वो वक्त ऐसा था की फिल्मी मैग्जीन ही सोशल मीडिया हुआ करती थी, और पूनम उस दौर की सबसे ज्यादा लिखी जाने वाली अदाकारा में से एक थी, किसी फ़िल्म के रिलीज से ज्यादा इनके नाम से जुड़ी लव स्टोरीज, अफवाह बिकते थे। सच कहें तो इनकी खूबसूरती, कामयाबी और इनकी मासूमियत इन सबने इन्हें वाओ का सबसे आसान निशाना बना दिया।
दरअसल, फ़िल्म नूरी की शूटिंग के दौरान सबसे पहले पूनम का नाम जोड़ा गया, इस फ़िल्म के को प्रड्यूसर रमेश तलवार के साथ, 80 के दशक के शुरुआत में मैगजीन्स में लिखा की इन दोनों में नजदीकियां बढ़ रही है, तो कभी कहा गया की गुप चुप तरीके से सगाई भी हो चुकी है, तो कभी कहा गया कि दोनों लिव इन रिलेशन में रहते हैं, लेकिन इस पर पूनम खामोश रही, न तो उन्होंने हाँ, मैं कुछ बोला और न तो ना में
फिल्ममेकर यश चोपडा के साथ अफवाहें :
अपने कैरिअर के शुरुआती दिनों में पूनम यश चोपडा के घर में कुछ वक्त रुकी थी, तो बस फिर क्या था हेडलाइन्स बनती थी पूनम ढिल्लों एंड यश राज़ मच मोर देन मेंटोर एंड muse क्या सच था और क्या झूट ये किसी को नहीं पता, अगर कुछ था भी तो ये रिश्ता ज्यादा वक्त तक नहीं टिका बॉलीवुड के मसाला फैक्टरी को ज्यादा गॉसिप नहीं मिला।
सबसे बड़ा तूफान राज़ सिप्पी
80 के दशक में ही पूनम के साथ तीसरा नाम राज़ सिप्पी एक मैरीड फिल्ममेकर का कहते हैं कि पूनम राज़ से शादी करना चाहती थी, लेकिन राज ने पहली पत्नी को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए, और फिर ये रिश्ता भी एक्स्ट्रा मैरिटल टोरनाडो के तरह एक जोरदार क्रैश के तरह ही खत्म हुआ, और कहते है की पहले बार पूनम ढिल्लो के दिल पर गहरी चोट छोड़ गया।
शादी, बेवफाई और बदले की वो रात :
खबरों के मुताबिक साल 1988 में पूनम के जिंदगी में आये फ़िल्म डायरेक्टर अशोक ठकेरिया, दोनों मिले, दोस्ती हुई, नजदीकियां बढ़ गईं और शादी हो गयी, शादी के बाद पूनम ने पुराने प्रोजेक्ट पूरे कर शादी के बाद फिल्मों में काम करना कम कर दिया, और अपने विवाहित जिंदगी में बिज़ी हो गई। हालांकि साल 1992 में आई फ़िल्म विरोधी पूनम की आखिरी फ़िल्म साबित हुई, पूनम और अशोक को दो बच्चे हुए, बेटा अनमोल और बेटी पलोमा।
लोगों को लग रहा था कि अब पूनम की जिंदगी सेटल हो गई है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं, शादी के 6 साल बाद इनके रिश्ते में खटास आने लगी, और फिर अचानक 1 दिन पूनम को पता चला की उनके पति का कहीं अफेयर चल रहा है। ये एक ऐसी खबर जो पूनम की जिंदगी की नींव हिला कर रख दी, लेकिन जो इसके बाद हुआ वह यकीन करने लायक नहीं था, कम से कम उस दौर में तो नहीं था।
बदला वो रात जिससे सब कुछ बदल गया :
कहते है की एक धोखा खाया हुआ इंसान टूट जाता है या तो गुस्से में कुछ भी कर गुजरता है, पूनम ने दूसरा रास्ता चुना, मीडिया रिपोर्ट्स बताते हैं कि उसी दौरान पूनम की मुलाकात हॉन्गकॉन्ग के एक बिजनेसमैन कीकू से हुई, उस दौर में ऐसा कहा जाता है की इन्होंने अपने पति को सबक सिखाने के लिए कीकू से नजदीकियां बढ़ाईं, और फिर इन्होंने भी वही किया जो इनके साथ इनके पति ने किया था I शादी जैसा पवित्र बंधन अब दोनों तरफ से तोड़ा जा चुका था। हालांकि क्या सच था और क्या अफवाहें ये कोई नहीं जानता लेकिन ये तय है कि उस रात के बाद पूनम की शादी बच ना सकी I पति के मेल ईगो ने इसे बर्दाश्त नहीं कर सका और जो पत्नी पहले से ही घायल शेरनी बनी हुई थी, इस रिश्ते को बचाने की कोई कोशिश नहीं की।
साल 1997 में पूनम और अशोक ठकेरिया का डिवोर्स हो गया, एक खूबसूरत प्रेम कहानी बिखरी हुई शादी और दो बच्चे इससे तूफान से गुजर रहे थे, इस सबके बीच वो पूनम की ताकत बने। तलाक के बाद जिंदगी अक्सर दो हिस्सों में बंट जाती है, एक जो गुजर गया और एक वह जिसे फिर से बनाना होता है, पूनम के लिए भी यह दौर आसान नहीं रहा I साल 1997 में ही पूनम ने तलाक के बाद अपनी जिंदगी का दूसरा चैपटर खोला और फ़िल्म जुदाई से दमदार अंदाज में पर्दे पर वापसी की हालांकि इस फ़िल्म में इनका किरदार बहुत छोटा रहा, लेकिन इस फ़िल्म में अपने मौजूदगी का अहसास इस तरह से छोड़ा की दर्शकों को आज भी याद है।
ये वो दौर था जो 90 के बाद दौर बदल रहा था फिल्मों में नयी नयी हीरोइन्स आ रही थी, और रोल सीमित होते जा रहे थे, ऐसे में पूनम ने छोटे पर्दे पर कदम रखा साल 1995 में टीवी सीरियल “Andaaz” में और “Chust Durust” मैं ऐंकरिंग की I फिर फेमस ZEE TV पर मल्टीस्टारर सीरीज Kitty Party I ये वही वक्त था जब लोगों ने पहली बार को पूनम द एक्टर को नहीं बल्कि पूनम द परफॉर्मर को देखा छोटे पर्दे ने इन्हें नई पहचान दी और नए चाहने वाले और अपने कला को दिखाने के लिए नया मंच।
साल 2009 में जब पूनम ढिल्लो बिग बॉस सीज़न थ्री में दाखिल हुई, तो लोगों को लगा कि क्या यह यहाँ टिक पाएगी, लेकिन पूनम ने पूरी दुनिया को चौंका दिया इस डिग्निटी और मैच्योरिटी के साथ बिग बॉस सीज़न थ्री की सेकंड रनरअप बनकर उभरी और यही वो पल था जब एक जेनरेशन ने इन्हें दोबारा खोजा और वो कहने लगी की वो सिर्फ खूबसूरत नहीं, समझदार और एक मजबूत महिला हैं। साल 2013 में पूनम ने मुख्य किरदार में सोनी टीवी के सीरियल “एक नयी पहचान” से वापसी की और इसके बाद साल 2014 और 2021 में कपिल शर्मा के कॉमेडी शो Comedy Nights with Kapil इस शो में गेस्ट के तौर पर देखा गया I
This woman changed Bollywood without a film…
ये तो हर कोई जानता है की बॉलीवुड में हर चीज़ ग्लैमर नहीं होती परदे के पीछे बहुत बड़ा झंझट हुआ करता था, और जिसके पीछे था मेकअप रूम का ना होना आउटडोर शूटिंग में भला मेकअप रूम कैसे मिलता, बड़े से बड़ा स्टार भी इधर उधर कुर्सी पर बैठकर ही अपना मेकअप करवातें नजर आते थे। लेकिन पूनम ने ही सबसे पहले इस परेशानी का उपाय ढूंढा था, और पूनम ने ही पहली Vanity Van की शुरुआत की I शानदार Revolutionary कल्चर की शुरुआत दरअसल पूनम ने वेनिटी नाम की एक कंपनी बनाई जो इंडस्ट्री के स्टार को एक लग्ज़री मेकअप वैन प्रोवाइड करती थी, उस दौर में एक अदाकारा का बिज़नेस शुरू करना और लोगों को इसके लिए राजी करना, इन्वेस्टमेंट संभालना अपने आप में एक बहुत बड़ी अचीवमेंट थी, जिसे पूनम जी ने बखूबी कर दिखाया I आज भी बॉलीवुड के कई बड़े शख्सियत इन्हीं के कंपनी की Vanity Van इस्तेमाल करते हैं, पूनम ने हिंदी इंडस्ट्री को ऐसी सुविधा और लग्जरी दी जिसने काम करने का तरीका ही बदल दिया I
आज के दौर में पूनम ढिल्लों सिर्फ एक अदाकारा नहीं बल्कि एक बिज़नेस वुमन है, एक माँ और ग्रैंड मदर और अपने शर्तों पर जीने वाली इन्डिपेन्डेन्ट महिला हैं, और अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीते हैं, इनकी बेटी पलोमा ढिल्लों ने भी हिंदी फिल्मों में एंट्री की है, और बेटा अनमोल ढिल्लों भी इसी इंडस्ट्री में ऐक्टिव है। पूनम खुद भी ऐड, टीवी और वेबसीरीज में लगातार काम कर रही है, और सबसे खूबसूरत चीज़ ये है की आज भी वही ग्रेस कैर्री करती है I जिसने एक वक्त पर यश चोपडा को इनके घर फ़ोन करने पर मजबूर कर दिया था। कुछ तो पूनम ढिल्लों की कहानी सिर्फ ग्लैमरस मूवी की कहानी नहीं है, ये एक लड़की के सपने एक धोखा खाई पत्नी के बदले और एक बिज़नेस वुमन के कामयाबी और एक इंसान की Resilience की कहानी है वो टूटी भी और लड़ी भी और उसने गलतियाँ भी की फिर अपने शर्तों पर जिंदगी जीना भी सीखा, शायद इसी वजह से पूनम ढिल्लों आज भी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में एक टाइम्लेस नाम है।
तो दोस्तों यह थी अपने पति को उसी के तरीके में सबक सिखाने वाली पूनम ढिल्लों के जीवन का परिचय I