यह दास्तां है हिंदी सिनेमा के गुजरे जमाने की उस खूबसूरत अदाकारा आखिर क्यों ये अपने शादीशुदा ज़िंदगी के 40 सालों में कभी अपने ससुराल नहीं गई… एक ऐसी अदाकारा जो अपने चुलबुले अंदाज और मखमली एहसास और बेमिसाल अदाकारी से करोड़ों दर्शकों के दिल में अपनी एक अलग पहचान बनायी। खूबसूरती की इस बला ने जहाँ अपनी कड़ी मेहनत और लगन से हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अपना स्टारडम बनाया, तो वही इनके अदाकारी, कला, लेखन, नृत्य और राजनीतिक दांवपेंच से राजनीति में भी वह मुकाम हासिल किया, और अपने उस मुकाम को आज तक बना कर चल रही है I
दुनिया भर में अपना नाम और रुतबा होने के बावजूद इस अदाकारा की जिंदगी में ऐसा क्या हुआ था ? फ़िल्म की आधे शूटिंग करने के बाद फ़िल्म के निर्माता ने फ़िल्म सेट से इन्हें जलील करके निकाल दिया था, हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में खूबसूरत और टॉप की अदाकारा को पाने के लिये बड़े बड़े अदाकार और फ़िल्म निर्माता सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार थे। तो वही इस अदाकारा ने पहले से शादीशुदा और चार बच्चों के पिता से अपने परिवार वालों से और समाज के खिलाफ़ जाकर अपना धर्म बदलकर शादी कर ली I
इस अदाकारा के नियति की परीक्षा ऐसी की संस्कार और कल्चर को सबसे ज्यादा प्यार करने वाली अदाकारा को धर्म परिवर्तन के दौर से गुजरना पड़ा, जिसके बाद इनकी निजी ज़िंदगी दर्द, तकलीफ और आंसुओं से भर गयी I इस अदाकारा को परिवार में सौतेली माँ और दूसरी पत्नी की जैसे कड़वे तानों से जख्मी किया गया, और इस अदाकारा के सौतेले बेटे ने इन पर गुस्से में मारने को हथियार उठाया, और पारिवारिक जीवन के चक्रव्यूह में ये अदाकारा ना तो एक अच्छी माँ बन पाई और ना ही एक अच्छी पत्नी।
एक ऐसी खूबसूरत और हसीन अदाकारा जिसकी निजी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, कच्ची उम्र में फिल्मों में अपने कैरिअर की शुरुआत की, अपने फिल्मी सफर में इस अदाकारा ने झेली जिल्लत, रुसवाई और अपमान, लेकिन अपने कड़ी मेहनत, लगन और हिम्मत से इस अदाकारा ने खुद को तराशते हुए, हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में वो मुकाम हासिल किया, जिसकी वजह से ये बनी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री की Dream girl यानी हेमा मालिनी I हेमा मालिनी ने वो शख्सियत हैं, जिसने फर्श से अर्श तक अपनी मेहनत से खुद को यू तराशा की आज पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री इस बेशकीमती अदाकारा की मोहताज है I
तो दोस्तों आज हम जानेगे 60 और 70 के दशक की एक ऐसी खूबसूरत, हसीन अदाकारा हेमा मालिनी जी के बारे में, तमिलनाडु के शहर अम्मानकुडी में 16 अक्तूबर 1948 को हेमा जी का जन्म हुआ, इनके पिता V. S. Ramanujam Chakravarthy वो एक सरकारी कर्मचारी थे, इनकी माँ Jaya Lakshmi जो साउथ फ़िल्म इंडस्ट्री में फ़िल्म निर्देशक थी I हेमा एक तमिल परिवार से ताल्लुक रखती है और वो अपने परिवार में सबसे छोटी है, हेमा से बड़े इनके दो भाई है, और दो भाइयों की एक इकलौती और लाड़ली बहन थी। इस फैमिली में हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के अदाकारा और अदाकार को कुछ खास पसंद नहीं करते थे, और जब की हेमा जी की फैमिली ब्रैकग्राउंड साउथ फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ था, जिसकी वजह से इनकी माँ चाहती थी, कि हेमा जी साउथ इंडस्ट्री में एक कामयाब अदाकारा और बेहतरीन डांसर बने।
हेमा जी के पिता उन दिनों दिल्ली में सरकारी नौकरी कर रहे थे, और हेमा जी की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के Tamil Education Senior Secondary School Of Delhi से हुई, हेमा जी की माँ उन्हें एक बेहतरीन डांसर बनना चाहती थी, और इसके लिए इन्होंने अपने पति से दिल्ली से चेन्नई अपनी नौकरी ट्रांसफर करने को कहा, और कुछ दिनों के बाद पूरा परिवार दिल्ली से चेन्नई शिफ्ट हुआ I दिल्ली से चेन्नई शिफ्टिंग करने की वजह से हेमा मालिनी की 12 th की पढ़ाई बीच में रुक गई, और ये अपनी बारहवीं पास नहीं कर पाई। चेन्नई आने के बाद हेमा जी की माँ ने कई बड़े बड़े गुरुओं से भरतनाट्यम और कुचीपुड़ी डांस की ट्रेनिंग दिलवाई, और इसका नतीजा ये निकला कि हेमा जी भरतनाट्यम में एक परफेक्ट और बेहतरीन डांसर बनी I
आखिरकार हेमा जी और उनकी माँ की मेहनत रंग लाई और 1963 में हेमा जी को फ़िल्म “इधु साथियम” (Idhu Sathiyam) में बैकग्राउंड डांसर का रोल मिला, इसके बाद साल 1965 में एक तेलुगु फ़िल्म “Pandava Vanavasam” में एक डांसर के तौर पर काम मिला, जिसको हेमा जी ने अपनी पूरी मेहनत और लगन से किया। हेमा जी को अपने करियर के शुरुआती दिनों में बहुत मुश्किलों और संघर्षों से गुजरना पड़ा, सिर्फ 16 साल की उम्र से ही हेमा जी ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट यानी बाल कलाकार के रूप में काम करना शुरू किया I हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के ड्रीम गर्ल ने साल 1963 से ही अपने कैरिअर की शुरुआत की थी, जिसमें वो बतौर बैकग्राउंड डांसर की भूमिका निभायी, इसी दौरान साउथ फ़िल्म इंडस्ट्री के एक मशहूर डायरेक्टर C.V. Sridhar की नज़र हेमा जी पर पड़ी, उन्होंने हेमा जी को अपनी फ़िल्म में मुख्य अदाकारा के तौर पर सिलैक्ट किया।
शूटिंग के दौरान जब डायरेक्टर ने नज़दीक से हेमा जी को देखा, तब उन्हें ये कहते हुए रिजेक्ट किया गया, कहा कि वो हिरोइन मटिरीअल नहीं है, उनमें ऐसे कोई खूबी नहीं है जो एक अदाकारा में होनी चाहिए, डायरेक्टर श्रीधर ने भरे सेट पर हेमा जी को अपमानित किया, हेमा जी को ऐसे दिल तोड़ने वाली बात कह कर फ़िल्म से ही निकाल दिया, और जबकि इस फ़िल्म की शूटिंग आधे से भी ज्यादा हो चुकी थी I उन दिनों हेमा जी काफी दुबली पतली और सांवले रंग की थी, जिसकी वजह से इन्हें जलील और अपमानित किया गया, इतनी बेइज्जती होने केकरना बाद हेमा जी और उनकी माँ पूरी तरह से दुखी और निराश हुए थे I फ़िल्म सेट से जलील होकर निकाली गई हेमा जी को खुद को तराशने का फितूर सवार था, और जिसके लिए उन्होंने अपनी सौंदर्य और खुद पर मेहनत करना शुरू किया I वो डायरेक्टर श्रीधर को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अच्छी फ़िल्म चाहती थी, इसके लिए इन्हें 5 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा I
खुद को तराशते हुए और दर दर भटकते वो दिन आ ही गया, जब साल 1968 में राज कपूर की फ़िल्म “sapnon ka saudagar” में हेमा जी को सेलेक्ट किया गया, फ़िल्म में हेमा जी उस दौर के सुपरस्टार राज कपूर साहब साथ के काम कर रही थी, इस फ़िल्म के लिए राज़ साहब ने ही खुद हेमा जी का स्क्रीन टेस्ट लिया I स्क्रीन टेस्ट में हेमा जी ने राज़ कपूर की एक्टिंग और डायलॉग बोलकर उन्हें काफी प्रभावित यानी की Iimpressed किया, कुछ दिनों बाद ये फ़िल्म बनीं, लेकिन परदे पर कुछ खास कमाल दिखा नहीं पायी I लेकिन राज कपूर जैसे बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम करने की वजह से कई बड़े बड़े फ़िल्म निर्माताओं के ऑफर आने लगे, फिर धीरे धीरे हेमा जी को कुछ फ़िल्में मिली जैसे कि “वारिश” “जहाँ प्यार मिले” “तुम हसीन मैं जवान” और “अभिनेत्री” जैसी फिल्मों में काम किया I इन सारे फिल्मों में हेम जी की खूबसूरती को लोग बस देखते ही रहते, लेकिन हेमा जी को अभी वो सफलता नहीं मिली थी जिस के लिए वो इतनी मेहनत और लगन से काम कर रही थी I
साल 1970 में दिग्गज अदाकार और फ़िल्म निर्माता देव आनंद साहब के साथ फ़िल्म “Johny Mera Naam” में काम करने का मौका मिला, और इसलिए ये फ़िल्म उस दौर की बड़ी और सुपरहिट फ़िल्म साबित हुई, इस फ़िल्म से ही हेमा जी को पहली बार एक कामयाब अदाकारा की पहचान मिली I जिसे हेमा जी को डाइरेक्टर श्रीधर ने बदसूरत कहकर फ़िल्म से बाहर निकाला था, अब वही हेमा जी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में कामयाबी की सिटी तेजी से चढ़ रही I उसके बाद फ़िल्म निर्माता रमेश सिप्पी ने अपनी फ़िल्म “अंदाज” में बतौर अदाकारा साइन किया, और इस फ़िल्म में हेमा जी दिग्गज अदाकार राजेश खन्ना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अदाकारी करते हुए नजर आए, और इससे हेमा जी के सफर को नई उड़ान मिली, इसके बाद सफलता के कामयाबी में हेमा जी ने फिर कभी पीछे पलटकर नहीं देखा I
साल 1972 में आई फ़िल्म “सीता और गीता” ने तो हेमा जी के फिल्मी सफर को सातवें आसमान पर पहुंचाया, इस फ़िल्म में हेमा जी का डबल रोल था, और इसमें ये दिग्गज अदाकार संजीव कुमार और अदाकार धर्मेंद्र जी के साथ बेहतरीन अभिनय करते हुए नजर आए। हेमा जी के फिल्मी कैरिअर को कामयाब बनाने में इनकी माँ ने बहुत मेहनत की थी, वो ही इनके लिए फ़िल्म का चयन Selection करती, हेमा जी को अपनी माँ का पूरा साथ मिला था I हेमा जी दिन रात कड़ी मेहनत करती और हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में
| क्रम | फ़िल्म का नाम | वर्ष |
| 1 | राजा जानी | 1972 |
| 2 | हाथ की सफ़ाई | 1974 |
| 3 | पत्थर और पायल | 1974 |
| 4 | प्रतिज्ञा | 1975 |
| 5 | शोले | 1975 |
| 6 | चरस | 1976 |
| 7 | महबूबा | 1976 |
| 8 | ड्रीम गर्ल | 1977 |
| 9 | त्रिशूल | 1978 |
| 10 | द बर्निंग ट्रेन | 1980 |
| 11 | अली बाबा और 40 चोर | 1980 |
| 12 | क्रांति | 1981 |
| 13 | सत्य पर सत्ता (Satte Pe Satta) | 1982 |
| 14 | राजपूत | 1982 |
| 15 | अंधा कानून | 1983 |
| 16 | जमाई राजा | 1990 |
| 17 | नास्तिक | 1983 |
जैसे सुपर डुपर हिट फ़िल्मों से चार चाँद लगा लगाएं। शोले फ़िल्म के बसंती के किरदार ने तो हेमा जी को हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में सबकी चहेती अदाकारा बना दिया, बेहतरीन अदाकारी के चलते ये फ़िल्म “त्रिशूल” में शशि कपूर “एक चादर मिली” में ऋषि कपूर और फ़िल्म “अंदाज” में शम्मी कपूर और “हाथ की सफाई” में रणधीर कपूर जैसे दिग्गज अदाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। हेमा जी उस दौर में सभी बड़े बड़े अदाकारों के साथ काम करने वाली अदाकारा बन गयी थी। हेमा जी ने दिग्गज अदाकार दिलीप कुमार साहब, अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, जितेंद्र, संजीव कुमार, धर्मेन्द्र, मनोज कुमार, मिथुन चक्रवर्ती सहित कई कलाकारों के साथ बराबरी में काम किया।
हेमा जी 70 के दशक से लेकर 90 के दशक तक कामयाब टॉप की अदाकारा के तौर पर काम करती रहीं, वक्त बीता और वक्त के साथ अब हेमा जी फ़िल्म में गंभीर और माँ के संजीदा किरदार जैसी भूमिकाएं करना शुरू की जैसे कि उन्होंने “बागवान” और “बाबुल” जैसी फ़िल्में देकर हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में फिर से अपनी मौजूदगी का अहसास कराया I हेमा जी ने लगभग 200 फ़िल्मों में काम किया और एक कामयाब अदाकारा के पायदान पर विराजमान हुई, हिंदी फिल्मों में उनके शानदार बेहतरीन अभिनय और अमूल्य समय देने के लिए Filmfare Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। हेमा जी ने अपने फिल्मी सफर के दौरान फ़िल्म निर्देशन के क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमाई, और हेमा जी के निर्देशन में फ़िल्म “दिल आशना है” बनी थी, जिसमें इन्होंने आज के दौर के सुपरस्टार शाहरुख खान को मौका दिया था। हेमा जी ने फ़िल्म के अलावा टेलीविजन शो नुपुर का भी निर्माण किया I
दिग्गज अदाकार राजकुमार के साथ हेमा का रिश्ता:
दिग्गज अदाकार राजकुमार और हेमा जी की मुलाकात पहले भी हुई थी, लेकिन जब इन दोनों ने एक साथ फ़िल्म “लाल पत्थर” में काम किया, तब अदाकार राजकुमार हेमा जी से एक तरफा मोहब्बत करने लगे, राजकुमार पहले से शादीशुदा थे, इसके बावजूद हेमा जी से शादी की ख्वाहिश जताई, और हेमा जी ने राजकुमार के इस शादी की ऑफर को ठुकराया, इसके बाद इन दोनों की ये बात यही खत्म हुई। राज़ कुमार जी के बाद हेमा जी की जिंदगी में आये दिग्गज अदाकार संजीव कुमार, हेमा जी और संजीव कुमार फ़िल्म “सीता और गीता” में मुख्य किरदार में काम किया, और फ़िल्म की शूटिंग के दौरान ही संजीव जी, हेमा जी से प्यार करने लगे, और साथ ही साथ हेमा जी भी संजीव जी को पसंद करती थी, और दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन संजीव जी की फैमिली हेमा जी को शादी के बाद फ़िल्म करिअर छोड़ने के लिए कह रही थी, और ये बात हेमा जी के परिवार वालों को पसंद नहीं आई और इसी बीच दोनों परिवार वालों के बीच मनमुटाव बढ़ गया, और ये रिश्ता दोनों परिवार वालों के ज़िद्द के आगे टूट गया।
जीस तेजी के साथ दिन ब दिन हेमा जी का करियर बुलंदियों पर पहुँच रहा था, उतनी ही तेजी से एक नया तूफान उनकी जिंदगी में आ रहा था, और उस तूफान का नाम था, धरम सिंह देओल उर्फ धर्मेंद्र काम के दौरान हेमा जी की धर्मेंद्र से पहली मुलाकात साल 1970 की फ़िल्म “तुम हँसी मैं जवान” के सेट पर हुई थी, धर्मेन्द्र जी हेमा जी की खूबसूरती को देखते ही रह गए, और देखते ही देखते उन्हें अपना दिल दे बैठे I हालांकि उस वक्त धर्मेंद्र जी शादीशुदा और चार बच्चों के पिता थे, इसकी वजह से हेमा जी ने उनमें दिलचस्पी नहीं दिखाई, पर किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था I साथ फिल्मों में काम करते करते एक वक्त ऐसा भी आया, जब हेमा जी भी धर्मेंद्र पर अपना दिल हार बैठी, और आखिरकार फ़िल्म “प्रतिज्ञा” के शूटिंग के दौरान हेमा जी का दिल धर्मेन्द्र के लिए धड़कने लगा। लेकिन इन दोनों की प्यार की राह इतनी आसान नहीं थी, एक तरफ जब दो दिल मिल ने के लिए बेताब थे, तो दूसरी तरफ़ हेमा जी का परिवार और धर्मेंद्र की पत्नी ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू किया। हालात यहाँ तक आ पहुंचें की एक बार धर्मेंद्र ने हेमा जी के पिता पर हाथ तक उठाया, इसी वजह से हेमा जी के पिता नहीं चाहते थे, की हेमा, धर्मेंद्र से कोई भी संबंध रखें, इसके बाद धर्मेंद्र ने हिमा जी से चोरी छुपे मिलना शुरू किया, धर्मेन्द्र हेमा जी के प्यार में इस कदर पागल थे, कि हेमा जी का अपने किसी भी को ऐक्टर के साथ मिलना उसके साथ तस्वीर लेना तक मंजूर नहीं था। लेकिन रूटते मनाते हेमा जी का प्यार भी धीरे धीरे परवान चढ़ने लगा, और दोनों ने शादी करने का फैसला किया।
इन दोनों के लिए शादी का इतना बड़ा फैसला लेना आसान नहीं था, धर्मेंद्र का शादीशुदा होने की वजह से ही हेमा जी के परिवार वाले उनसे पहले से ही नाराज थे, तो वही धर्मेन्द्र जी की पहली पत्नी प्रकाश कौर ने भी धर्मेंद्र को तलाक देने से साफ मना कर दिया। फिर धर्मेंद्र अपने प्यार को परवान चढ़ाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार थे। इसका नतीजा ये हुआ की दोनों ने अपना धर्म बदल कर इस्लाम धर्म कबूल कर लिया, धर्म परिवर्तन के बाद धर्मेंद्र ने अपना नाम Dilawar Khan रखा, तो वहीं हेमा जी ने अपना नाम Ayesha Khan रख लिया, और इस्लामिक रीती रिवाज से धर्मेंद्र जी और हेमा जी ने साल 1980 में निकाह कर लिया।
जितेंद्र जी के साथ मद्रास में हेमा जी की शादी:
धरम पाजी से शादी करने के पहले हेमा जी और अदाकार जितेन्द्र की शादी दोनों को परिवार वालों के रजामंदी के साथ तय हो चुकी थी, एक तरह का धरम जी और हेमा जी का प्यार परवान चढ़ रहा था, तो वहीं दूसरी और हेमा जी के पिता की ज़िद्द की वजह से इन पर जितेंद्र से शादी का दबाव लगातार बनाया जा रहा था। किसी तरह से हेमा जी को राजी कर जितेन्द्र और हेमा जी परिवार वालों के साथ सीक्रेट शादी के लिए मद्रास पहुंचे, हेमा जी और जितेंद्र तैयार होकर शादी के मंडप में पहुंचे, की इनकी सीक्रेट शादी की खबर धर्मेन्द्र जी को मिली धरम जी ने न तो आव देखा और ना ताव सीधे जितेंद्र की गर्लफ्रेंड शोभा को लेकर मद्रास पहुंचे, बस फिर क्या था काफी हंगामे के बाद हेमा जी ने जितेन्द्र से हो रही शादी से इनकार कर दिया, और अपने परिवार वालों के खिलाफ़ जाकर धरम जी को अपना जीवनसाथी चुन लिया।
धरम जी को उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर से चार बच्चे हैं, पहले बड़े बेटे Sunny Deol, Bobby Deol फिर बेटी Ajeeta Deol और सबसे छोटी Vijeta Deol, धरम जी के दोनों बेटे अपने पिता के तरह ही हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में कामयाब अदाकारा हैं, और इनकी लोकप्रियता धरम जी और हेमा जी से भी ज्यादा है। शादी के बाद धरम जी और हेमा जी नए घर में शिफ्ट हुए, और हँसी खुशी के साथ अपनी नई जिंदगी बिताने लगे, लेकिन इनकी खुशियों ने ही इनके घर में चिंगारियों का काम शुरू किया, जब धर्म जी ने सनी की माँ प्रकाश कौर को छोड़कर हेमा जी से शादी की तब से सनी अपनी माँ के लिए दुखी और परेशान रहने लगे, उनसे अपनी माँ की तकलीफ बर्दाश्त नहीं होती थी, और वो अपनी माँ के इस तकलीफ की जिम्मेदार हेमा जी को मानते थे। कई बार तो इस बात को लेकर हेमा जी और सनी में लड़ाई तक हुई, कहा तो ये भी जाता है कि अपनी माँ के साथ हो रही बेवफाई के लिए इतना गुस्सा दिखाया कि एक दिन सनी ने हेमा जी पर हमला करने के लिए गुस्से में चाकू उठा लिया। हालांकि सनी की इस हरकत पर हेमा जी और उनकी माँ प्रकाश कौर हमेशा इनकार करते रहे I
हर रोज़ हो रहे हैं घर में कलेश की वजह से एक वक्त ऐसा भी आया कि धरम जी और हेमा जी की हर रोज़ सुबह झगड़े से शुरू होकर झगड़े पर ही खत्म होती थी, ज़िंदगी में बहुत से उतार चढ़ाव और मुश्किल आने के बावजूद भी इन दोनों ने अपनी शादी को बचाए रखने का फैसला किया I आज भी इन दोनों का प्यार उतना ही बरकरार है, लेकिन इनके चाहने वालों को यह बात जरूर खटकती है की ये दोनों अलग अलग क्यों रहते हैं, इस बात का खुलासा खुद हेमा जी ने किया कहा कि “ऐसे परेशानियों वाला जीवन कोई नहीं चाहता हर कोई चाहता है कि वह अपने परिवार के साथ रहें, लेकिन जो नियति को मंजूर हो उसके आगे किसी की मर्जी नहीं चलती” I हेमा जी ये कहती है की उन्होंने उनकी दोनों बेटियों को अकेली ने सँभाला है, लेकिन धरम जी ने हर जगह खड़े रहकर उनका साथ निभाया है।
हेमा जी से धरम जी को दो बेटियां हैं Esha Deol और Ahana Deol, हाल ही में ईशा देओल ने अपने पति Bharat Takhtani से 11 साल के शादी के बाद तलाक ले लिया, हालांकि धरम जी के दोनों बीवियों का आमना सामना नहीं हुआ है, लेकिन सनी देओल की फ़िल्म “Gadar 2” के प्रमोशन के दौरान सनी, बॉबी और ईशा देओल को एक साथ देख कर उनके चाहने वाले खुश हो गए, लेकिन सनी के बेटे करण देओल की शादी में हेमा जी के परिवार से कोई भी नहीं पहुंचा था, कहा जाता है कि सनी ने अपने बेटे के शादी में हेमा जी को आमंत्रित ही नहीं किया। कहा जाता है कि और ऐसा लगता भी है की सनी आज भी हेमा जी को अपनी माँ नहीं मानते है, और उनसे किसी भी तरह का कोई वास्ता नहीं रखते हैं I
ये तो सारी दुनिया जानती है कि धरम जी और हेमा जी एक साथ तो है, लेकिन दोनों की राहें अलग अलग है, और साल 1998 में ही हेमा जी ने राजनीतिक में कदम रखा, और बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी से वो राजनीति में उतरीं, हालांकि उस वक्त हेमा जी राजनीति की भाषा कम बोलना जानती थी, लेकिन धीरे धीरे हेमा जी राजनीतिक दांव पेच कुछ इस तरह से सीखी की वह आज उत्तर प्रदेश के मथुरा लोक सभा सीट से दो बार सांसद रहने के बाद तीसरी बार की उम्मीदवार बन गई है। हेमा जी अब मंजी हुई राजनेता के तौर पर अपनी सेवाएं देश के जनता को दे रही है। Dream Girl से एक फेमिनिस्ट आइकॉन और एक फेमिनिस्ट से एक पॉलिटिशियन का सफर हेमा जी के लिए आसान नहीं था। लेकिन ये हेमा जी का हुनर और लगन ही थी, जो जीवन में लिखें कठिन रास्तों के की परीक्षा को हेमा जी ने बड़े ही सादगी से पास किया, और आज यह चेहरा हर दिल अज़ीज़ बन गया है।
बहुत ही दुख की बात है दोस्तों की धरम जी ने 89 की उम्र में आकर हेमा जी को तनहा छोड़ गए, जी हाँ, दोस्तों हम सबके चाहिते दिग्गज अदाकार धर्म सिंह देओल उर्फ धर्मेंद्र जी का उम्र के 89 साल में निधन हो गया I बढ़ती उम्र के चलते स्वास्थ्य संबंधित बीमारियों की वजह से परेशान 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र जी इस दुनिया को अलविदा कह गए, और इनके अंतिम संस्कार में पूरी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री और राजनेता शामिल थे, तो वहीं विले पार्ले के श्मशान घाट के बाहर उनके हज़ारों चाहने वाले दर्शक भी मौजूद थे।
तो दोस्तों यह थी हम सब के Dream Girl हेमा मालिनी जी के जीवन के कठिन संघर्ष का और जीवन का परिचय I