“He Man Of” हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री And Most Handsome Actor….

“He Man Of” हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री, And Most Handsome Actor….आज हम जानेंगें 60 और 70 के दौर के एक ऐसे कलाकार के बारे में जिसने हिंदी सिनेमा में कदम रख कर बदल दी सिनेमा की किस्मत और उसके स्वरूप को। एक ऐसा खूबसूरत अदाकार जिसके रंग रूप का दुनिया भर में ऐसा आकर्षण जिसके वजह से ये बन गए हिंदी सिनेमा के इतिहास के सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय अदाकार I 

   नाबालिग उम्र में हिंदी सिनेमा के प्रति इस अदाकार की ये दिलचस्पी और लगन जिसके चलते इस अदाकार ने 1949 में एक फ़िल्म को 40 से भी ज्यादा बार देखा लिया, और क्यों ये अदाकार अपने बचपन में ही अपने पिता के स्कूल से भाग जाना चाहता था, और क्यों ये अदाकार अपने स्कूल को छोड़कर बहुत ज्यादा थिएटर के बाहर खड़ा रहता I एक स्कूल के Principal और किसान का ये बेटा अपने पिता के मर्जी और इच्छा के खिलाफ़ जाकर ₹150 प्रति माह के नौकरी को छोड़ कर अपने घर से कई सैकड़ों मेल दूर पहुंचा हिंदी फिल्मों में हीरो बनने I 

कैसे उस शहर में काम और अपनी पहचान बनाने के लिए इस अदाकार को अपनी जिंदगी भूखे पेट गुजारनी पड़ी, और उस तंगहाली में ये अदाकार लाचार और बेरोजगारी वजह से खा गया बहुत ही ज्वलनशील पदार्थ जिसकी वजह से इस अदाकार की जिंदगी पहुँच गई थी मौत के करीब। हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में नाकामयाबी से शुरुआत करने वाला ये अदाकार कैसे बन गया 70 के दशक में हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री का सबसे महंगा और लोकप्रिय अदाकार, और क्यों इस अदाकार को अपनी पहली फ़िल्म के लिए मिले थे सिर्फ 51 रुपए, और क्यों इस अदाकार को अपनी असल जिंदगी में एक जंगली चित्ते से लड़ना पड़ा, और आगे चलकर इस अदाकार ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को लगातार एक के बाद 100 सूपर हिट फ़िल्में दे दिए।

इस अदाकार की जिंदगी में ऐसा क्या हुआ था, की इस अदाकार को हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में आने के लिए जिस मशहूर अदाकारा ने काफी मदद की उसी अदाकारा को प्यार में धोखा देकर, उस अदाकारा के चेहरे पर मारा था जोरदार तमाचा, और क्यों इस अदाकार पर लगे अपने प्रेमिकाओं को सीडी बनाकर कामयाबी के शिखर पर पहुंचने जैसे गंभीर इलज़ाम I इस अदाकार को एक अदाकारा से नैन मटक्का करने पर पड़ा था, बेशर्मी का जोरदार थप्पड़, और उस थप्पड़ के बाद इस अदाकार ने उस अदाकारा को अपनी बहन बना लिया। 

  पहले से शादीशुदा और चार बच्चों के पिता होने के बावजूद भी इस अदाकार ने एक मशहूर अदाकारा को पाने के लिए अपना धर्म बदलकर दूसरी शादी कर ली, और कैसे इस अदाकार के दूसरी शादी ने बर्बाद कर दे Sunny Deol की माँ और Esha Deol की माँ की ज़िंदगी। दो दो शादियां होने के बावजूद भी ये अदाकार अपने से 27 साल छोटी एक अदाकारा के पास तीसरी शादी करने पहुँच गई I

क्यों इस अदाकार ने दो दो शादियां होने के बावजूद भी रखें दूसरे औरतों से नाजायज संबंध, जिसकी वजह से इस अदाकार की दूसरी पत्नी अपने ससुराल से 40 साल से दूर है, और इस अदाकार की पहली पत्नी के बेटे ने अपने सौतेले माँ को मारने के लिए हथियार उठाए। क्यों इस अदाकार के रंगीन मिज़ाज ने लगाए दो पीढ़ियों के बीच वो आग जिसमें जलकर तबाह हो रही है Deol खानदान की नींव I हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को बहुत से सुपरहिट फ़िल्में देने के बावजूद भी इस अदाकार को कभी कोई भी अवार्ड नहीं मिला। 

  हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा सितारा जो अपने घर से निकला था हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में हीरो बनने, लेकिन माया नगरी में कदम रखते ही, एक स्कूल के प्रधानाध्यापक और किसान के बेटे ने देखा, अपने जिंदगी का वो संघर्ष और जिसने इन्हें सिखाया उनके जिंदगी का ऐसा सबक जिसके बारे में इन्होंने कभी सोचा तक नहीं था। सीधा साधा सा एक लड़का जो अपनी मेहनत, हिम्मत और लगन के दम पर 1 दिन हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में कामयाबी के उस शिखर पर पहुंचा, जहाँ पहुंचने का सपना हिंदुस्तान का हर नौजवान और फ़िल्म इंडस्ट्री का अदाकार देखता है। इस अदाकार ने अपने अभिनय की एक ऐसी छाप छोड़ी जिसे रहती दुनिया तक मिटाया नहीं जा सकता। 

अपनी साधारण सी जिंदगी में जमीन से आसमान तक का सफर तय करने वाले इस शानदार, और जबरदस्त खूबसूरत अदाकार को पूरी दुनिया हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के “The He Man Of” हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री यानी धर्म सिंह देओल उर्फ धर्मेंद्र के नाम से जानती है I धर्मेंद्र जी का जन्म 8 दिसंबर 1935 को ब्रिटिश भारत के पंजाब के नसराली गांव में एक जाट सिख परिवार में हुआ था, इनके पिता का नाम kewal kishan Singh Deol, गांव के एक सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक थे, इनके माँ का नाम Satwant Kaur था, और वो एक गृहणी थी। 

   सरकारी नौकरी होने की वजह से इनके पिता का बार बार ट्रांसफर होता था, जिसकी वजह से किशन केवल जी अपने पूरे परिवार के साथ Ludhiana Jile के Sahnewal गांव जो आज के दौर में बहुत ही मशहूर और चर्चित कस्बा है यहाँ रहने आए, और ये हमेशा के लिए ही यहाँ के निवासी बन गए, और यहीं बस गए, और आज भी धर्मेंद्र जी की पहचान इसी गांव से हैं क्योंकि इन्होंने अपना बचपन से लेकर जवानी तक की उम्र यही पर गुजारी थी। 

धर्मेन्द्र जी माँ से कहते पढ़ाई छुड़वा दो

 बचपन से ही धर्मेन्द्र जी की पढ़ाई को लेकर बहुत बड़ी परेशानी थी, क्योंकि इन्हें पढ़ाई में कुछ खास दिलचस्पी नहीं थी, जिसकी वजह से इनका मन पढ़ाई में नहीं लगता था, इस परेशानी के बावजूद अपने पिता का उसी स्कूल में पढ़ाना, जिसके चलते पिता जी का पूरा ध्यान अपने बेटे पर रहता, और तो और दूसरे बच्चों से ज़्यादा तो धर्मेन्द्र ही डांट खाते। जिसकी वजह से धर्मेंद्र जी हमेशा अपने माँ से कहते रहते की माँ मेरा किसी और स्कूल में दाखिला करवाना या फिर मेरी पढ़ाई छुड़वा दो, पर अफसोस ऐसा हो न सका।  

   तभी धर्मेंद्र ने हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे का दर्द देखा और जेल भी था, और इस बंटवारे में धर्मेंद्र के कुछ चहेते दोस्त अध्यापक पाकिस्तान चले गए, इन्होंने अपने पिता के स्कूल से ही आठवीं तक की पढ़ाई पूरी की और इसके आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए वो अपने बुआ के पास चले गए, जो कि फगवाड़ा में स्थित है, और वही के रामगढ़िया कॉलेज से अपने दसवीं की पढ़ाई पढ़ाई पूरी की धर्मेंद्र जी को तो बचपन से दिलचस्पी पढ़ाई में कम और हिंदी सिनेमा की तरफ ज्यादा था, जिसके लिए वो घर निकलते थे स्कूल के लिए लेकिन वो पहुंचते फ़िल्म देखने।

धर्मेंद्र जी को बचपन से ही फिल्मों में जाने की ख्वाहिश थी, और यही ख्वाहिश उनके दिल में कहीं न कहीं घर कर बैठे थी, इसकी वजह से वो अपने माँ से हमेशा हीरो बनने के बातें करते रहते, लेकिन माँ हमेशा यही कहती थी की तू कौनसा इतना खूबसूरत है जो तुझे कोई हीरो बनाएगा। लेकिन उनकी माँ को ये कहा पता था, की इनका यही बेटा आगे चल कर हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री का सबसे खूबसूरत अदाकार बनेगा।

फ़िल्म धर्मेन्द्र जी ने 40 से भी ज्यादा बार देखा

अपनी दसवीं कक्षा पूरी करने के बाद धर्मेंद्र जी वही स्टेशन पर क्लर्क की नौकरी करने लगे, और यहाँ धर्मेन्द्र जी को ₹150 महिना तनख्वाह मिलती थी, लेकिन फिल्मों के लिए इनकी दीवानगी बड़ी ही गजब की थी I एक बार अपने एक इंटरव्यू के दौरान धर्मेंद्र जी ने बताया, की साल 1949 “Dillagi” रिलीज हुई, और इस फ़िल्म को धर्मेन्द्र जी ने 40 से भी ज्यादा बार देखा, तो वही हिंदी सिनेमा बड़ी शिद्दत के साथ धर्मेंद्र जी को अपनी और आकर्षित करता था। 

सिर्फ 19 साल के धर्मेन्द्र की शादी

  वक्त बीतता गया और अब धर्मेंद्र जी 19 साल के हो गए, और साल 1954 में माता पिता ने सिर्फ 19 साल के धर्मेन्द्र की शादी Prakash Kaur नाम की लड़की से करवाई, फिल्मों में हीरो बनने के ख्वाहिश को अपने दिल में दबाकर अपनी नौकरी के साथ साथ धर्मेन्द्र खेतों में काम कर अपने पिता का हाथ बठाने लगे, अपने काम के बाद वो रेलवे स्टेशन पर होते तो निराश होकर मुंबई आने जाने वाली ट्रेनों को देखा करते, और अपने दिल के एक कोने में, अपने हीरो बनने के ख्वाहिश को देखा करते। 

आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर… 

धर्मेंद्र जी के बुआ का बेटा Virender पंजाबी फिल्मों में अदाकार, प्रोड्यूसर और डाइरेक्टर थे, लेकिन अफसोस के आतंक के दौर में लुधियाना में “Jat Te Zameen” फ़िल्म के शूटिंग के दौरान आतंकियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी, और इस हादसे की वजह से धर्मेंद्र जी के घरवाले फिल्मों में जाने से मना कर दिया। एक बार धर्मेंद्र जी अपनी माँ से मुंबई और फिल्मों में जाने की बात कर रहे थे, और बेटे की ये चाहत देखकर माँ ने बड़ी मासूमियत से कहा कि तुम फ़िल्म वालों को कोई अर्जी क्यों नहीं भेज देते, वो खुद ही तुम्हें बुला लेंगे, और वहाँ से बुलावा आने के बाद तेरे पिता जी भी तुझे मना नहीं कर पाएंगे माँ की ये बात सुन कर धर्मेंद्र जी को हौसला मिला,और इसके बाद धर्मेन्द्र जी को यह समझ में नहीं आ रहा था, कि लिखें तो लिखें क्या, इसी सोच और कशमकश में कुछ वक्त युंही गुजरा I 

  इसे किस्मत कहिए या फिर माँ के दिल से निकले हुए सच्ची दुआ, कि 1 दिन Filmfare Magazine जो धर्मेंद्र जी हमेशा पढ़ा करते, उसमें टैलेन्ट हंट का विज्ञापन अखबार में आया, और उसमें उस दौर के दो मशहूर हस्तियों के नाम थे, Bimal Roy और Guru Dutt इस से धर्मेंद्र जी को अपनी राह मिल गई और उसी विज्ञापन के आधार पर धर्मेंद्र ने अपनी कुछ तस्वीरें खिंचवाई और अपने सारी जानकारी लिख कर उसी विज्ञापन के पेज पर अर्जी भेज दी। ऐसा लग रहा था की मानो किस्मत ने उस विज्ञापन को इनके लिए ही छपवाया था। धर्मेंद्र जी की अर्ज़ी मंजूर हो गई, और इनको मुंबई से बुलावा आया, माँ बेटे के लिए बहुत खुश थी, लेकिन पिता जी को ये सब पसंद नहीं आया, उस नाराज़गी के फल में माँ बाप का आशीर्वाद लेकर अपनी पत्नी और बच्चों को माँ बाप के पास छोड़कर, उसी ट्रेन में बैठकर मुंबई चले गए, जिस  ट्रेन को ये रेलवे स्टेशन पर मुंबई आते जाते देखा करते थे। 

हालात बिगड़ गई जिंदगी पर बात…

अपनी मंजिल के और निकले धर्मेंद्र मुंबई पहुंचे सब से मिले और सब ने इन्हें पसंद भी किया, धर्मेंद्र जी को फिल्म “Bandini” के लिए सिलैक्ट किया, लेकिन इस फ़िल्म को बनने में अभी काफी वक्त था, इन्हे  काम तलाशना था और अब जिंदगी का असली संघर्ष शुरू हो चुका था। एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र जी ने खुद बताया की इनका वो 1 साल बहुत मुश्किल भरा था, जुहू के पास इन्होंने एक कमरा किराये पर ले लिया, ये दिन भर स्टुडिओज़ और निर्देशक निर्माता के ऑफिस के चक्कर लगाते, उनके इस संघर्ष में उनके साथी बने उस दौर के दिग्गज अदाकार “Manoj Kumar” I लेकिन धर्मेंद्र जी के संघर्ष का ये सफर इतनी भी आसान नहीं था, कोई भी काम मिल नहीं रहा था, और जो पैसे लाए थे वो भी खत्म हो चूके थे, कभी कबार तो भूखे रहने की नौबत आती, हालात इतने बुरे हो गए थे, कि 1 दिन धर्मेन्द्र जी ने भूख से बेहाल होने पर पाचन में इस्तेमाल किए जाने वाले बबूल के भूसी को खा गए, जिसकी वजह से उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा, और हालात तो इतने बिगड़ गई इनकी जिंदगी पर बात आ गयी, और इलाज के बाद डॉक्टर ने सलाह दी कि इन्हें दवाई की नहीं भरपेट खाना खाने की जरूरत है। 

   इसके बाद ज़िंदगी में और संघर्ष बढ़ता गया, धर्मेन्द्र जी धीरे धीरे अपने हिम्मत हारने लगे थे, और अपने बरसों के सपने को टूटता हुआ देख रहे थे, और अपने टूटे हुए दिल के साथ धर्मेन्द्र जी ने अपने गांव वापस जाने का फैसला किया, लेकिन इनके इस संघर्ष में जो इनके साथ थे मनोज कुमार ने इन्हें हौसला दिया और कहा कि कुछ दिन और ठहर के देख लो Arjun Hingorani एक फ़िल्म बना रहे हैं, जाकर देख लो, शायद तुम्हें कोई काम मिल जाए। मनोज कुमार की ये बात सुन धर्मेंद्र जी Arjun Hingorani से जाकर मिले, इनसे मिलने के बाद Arjun Hingorani ने धर्मेंद्र जी को अपने फ़िल्म के लिए सेलेक्ट कर लिया, और इस फ़िल्म का नाम था “Dil Bhi Tera Hum Bhi Tere” I 

   “Dil Bhi Tera Hum Bhi Tere” इस फ़िल्म में धर्मेंद्र जी के साथ मुख्य अदाकारा थीं, उस दौर की लोकप्रिय और दिग्गज अदाकारा KumKum, लेकिन ये फ़िल्म कुछ खास कमाल दिखा नहीं पाई, और धर्मेंद्र जी को इस फ़िल्म से कोई खास फायदा तो नहीं हुआ, लेकिन एक फ़िल्म में काम करने की वजह से इनका हौसला बढ़ गया। धर्मेंद्र जी का संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ था, अब संघर्ष का रूप बदल गया था, पहले सिर्फ काम पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन अब अच्छा काम मिलने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इसके बाद धर्मेन्द्र जी के कुछ फ़िल्में रिलीज हुई जैसे की : 

  • Boy Friend (1961) 
  •    Bandini  (1962) 
  •    अनपढ़ (1962)
  •    अनुपमा [ 1963 ] 
  •     पूजा के फूल (1964)
  •     मैं भी लड़का हूँ (1964)
  •    काजल (1965)
  •   बहारें फिर भी आएँगी (1966)


इनमें से कुछ फ़िल्में चलीं तो कुछ नाकामयाब हुई, और जिंदगी के इसी उतार चढ़ाव में धर्मेंद्र जी को उनकी जिंदगी की वो फ़िल्म मिली जिसने उन्हें कामयाबी, शोहरत और रातोंरात स्टार बनाया, और वो फ़िल्म थी “फूल और पत्थर” इस फ़िल्म ने धर्मेन्द्र जी को पहली बार रोमैन्टिक हीरो की छवि से बाहर निकाल कर ऐक्शन हीरो के तौर पर रूबरू करवाया और इस फ़िल्म की कामयाबी ने धर्मेंद्र जी को उनके करियर की वो ऊंचाइयां दीं, जिसके लिए धर्मेन्द्र जी ने अपनी जिंदगी का मुश्किलों भरा संघर्ष का सफर तय किया था।

 इसके बाद धर्मेन्द्र जी के कदम कामयाबी की तरफ इस कदर बढ़े जो फिर कभी नहीं रुके, धर्मेंद्र जी ने हिम्मत, मेहनत और लगन से हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में लगभग 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, जिसमें इन्होंने बहुत सी यादगार किरदार निभाएं, और धर्मेंद्र जी अपने फिल्मों की कामयाबी की वजह से अपने दौर के सबसे महंगे अदाकार बने। हर एक डायरेक्टर और प्रोड्यूसर धर्मेंद्र जी के बिना अपनी फ़िल्म को बनाना ही नहीं चाहते थे, और इसीलिए धर्मेंद्र जी अपने दौर के सबसे ज्यादा फीस चार्ज करने वाले महंगे अदाकार बने, और अपने कामयाबी के रास्ते पर बहुत सी सूपर हिट फ़िल्में हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को दिए।

धर्मेंद्र जी की कुछ सूपर हिट फिल्मों की सूची : 

फ़िल्म का नामरिलीज़ वर्ष
1सूरत और सीरत1963
2आय मिलन की बेला1964
3देवर1966
4आँखें1968
5आया सावन झूम के1969
6मेरा गांव, मेरा देश1971
7सीता और गीता1972
8यादों की बारात1973
9पत्थर और पायल1974
10चुपके चुपके1975
11शोले1975
12प्रतिज्ञा1975
13ड्रीम गर्ल1977
14धर्मवीर1977
15द बर्निंग ट्रेन1980
16अली बाबा और 40 चोर1980
17गुलामी1985
18बंटवारा1989
19यमला पगला दीवाना2011

धर्मेंद्र जी ये वही अदाकार हैं, जिन्होंने 100 से भी ज्यादा सुपरहिट फ़िल्में हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को देकर अपना नाम बुलंदियों पर पहुंचाया था, और आज भी धर्मेंद्र जी अपनी उम्र के पड़ाव होकर भी, समय समय पर चुनिंदा फिल्मों में अपनी सशक्त भूमिका के साथ फिल्मों में नजर आते हैं। धर्मेंद्र जी ने अपने जमाने के हर छोटी बड़ी अदाकारा और अदाकार के साथ काम किया और कामयाब भी रहे I 

धर्मेंद्र जी का मीना कुमारी जी के साथ रिश्ता

  धर्मेंद्र जी जब काम की तलाश में मुंबई आने से पहले ही 1954 में उनकी शादी प्रकाश कौर नाम की लड़की से हुई थी, और शादी के कुछ ही साल में धर्मेंद्र जी और प्रकाश को चार बच्चे हुए, बड़ा बेटा Sunny Deol, और छोटा बेटा Bobby Deol, और बड़ी बेटी Ajita Deol और छोटी बेटी Vijeta Deol I मुंबई में जब धर्मेंद्र जी काम पाने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे, तब इनके जिंदगी में बहार बन कर दिग्गज अदाकारा ट्रेजेडी क्वीन Meena Kumari आई, धर्मेंद्र जी और मीना जी ने 1964 में “मैं भी लड़की हूँ” मुख्य किरदार में साथ काम किया। इसके बाद इनकी जोड़ी “Kajal” “Purnima” और “phool aur patthar” में नजर आए, फ़िल्मों में काम करते करते इन दोनों के बीच एक रिश्ता बन गया था, धर्मेंद्र जी को शुरुआत में हिंदी सिनेमा में किसी मजबूत सहारे की जरूरत थी, उस वक्त उनकी मुलाकात हो गयी मीना जी से जो उस दौर में सभी की मदद और दरियादिली के लिए वो मशहूर थी। 

   मीना जी ही वो अदाकारा रही जिन्होंने धर्मेंद्र जी को फ़िल्म इंडस्ट्री में जमे रहने के गुण सिखाए थे, और इन के सफर को कामयाब बनाने में जरूरत से ज्यादा उनकी मदद की थी, और मीना जी अपनी फिल्मों में धर्मेंद्र जी को काम दिलवाने में भी काफी मदद करती थी। वो फ़िल्म के निर्माता, निर्देशक को अपने फ़िल्म में लेने पर ज़ोर देती, और उनके लिए सिफारिश करती, मीना जी की मदद से धर्मेंद्र जी के करियर को नया मुकाम मिल रहा था, और उनकी मदद धीरे धीरे लोगो के बीच चर्चा का विषय बनी I 

अखबार और मैगज़ीन के वो हेडलाइन…

  दरअसल इस वक्त मीना जी के अपने पति के साथ रिश्ते अच्छे न होंने की  वजह से वो काफी मुश्किल दौर से गुजर रही थी, धर्मेंद्र जी का उनसे मिलना और उनका साथ मीना जी को भी अच्छा लगने लगा, और धीरे धीरे इन दोनों की बातें और मुलाकातें न जाने कब हिंदी फिल्मों के साथ ही साथ कई अखबार और मैगज़ीन के वो हेडलाइन बन गई पता नहीं चला। सबके बीच ना कभी मीना जी ने कुछ कहा और ना ही धर्मेंद्र जी ने। लेकिन 1 दिन मीना जी को धर्मेंद्र के घर की छत पर देखा गया, उस वक्त धर्मेन्द्र जी लूँगी मैं नजर आए तो वही मीना जी अपने हाथ पीछे कर तकिये को छुपाती हुए नजर आए। इस पल को कैमरा में कैद कर लिया गया, और जब ये फोटो दुनिया के सामने आयी तो इनके रिश्ते पर उँगली उठनी लाजिमी थी। 

  

फ़िल्म एक्स्पर्ट बताते हैं कि मीना जी और धर्मेन्द्र जी 3 साल तक प्यार के रिश्ते में रहे, लेकिन ये बड़ी ही शर्मनाक बात थी कि धर्मेंद्र जी शादीशुदा और चार बच्चों के पिता के होने के बावजूद उन्हें अपनी पत्नी और बच्चों का ख्याल क्यों नहीं आया, जो सरेआम मीना कुमारी से इश्क लड़ा बैठे। आपने इसी रिश्ते के बल बूते पर मीना जी ने धर्मेंद्र को मदद करके कमियाबी पर पहुंचाया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब धर्मेंद्र जी को कामयाबी मिल रहे थे, तब ऐसे में धर्मेंद्र जी ने मीना जी से अपना रिश्ता कमजोर कर लिया, और से दूरी बनानी शुरू की I मीना जी तो पहले से ही अपने पति की ज्यादतियों की वजह अकेली और परेशान थी, और ऐसे में धर्मेंद्र जी के ऐसी बेरुखी मीना जी के ऊपर किसी जुल्म से कम नहीं थी I 

मीना जी को सीढ़ी बनाकर इस्तेमाल किया…

  अपने बिगड़ते रिश्ते के बीच धर्मेंद्र जी ने मीना जी को जोरदार थप्पड़ मारा इसके बाद मीना जी पूरी तरह से टूट गयी, क्योंकि धर्मेन्द्र जी ने उनके साथ वो किया जो कभी उन्हें इसकी उम्मीद तक नहीं थी, कुछ लोग आज भी ये मानते है कि उस वक्त धर्मेंद्र जी ने मीना जी से झूठा प्यार किया था I धर्मेंद्र जी ने सिर्फ कामयाब होने के लिए मीना जी को सीढ़ी बनाकर इस्तेमाल किया, और जब उनका मकसद पूरा हुआ, तब उनको अपनी जिंदगी से निकाल दिया, इस तरह से पहले से ही दुखी, लाचार, बेबस और तनहा अदाकारा को धर्मेन्द्र जी ने वो दर्द और तकलीफ दी, जो मीना जी कभी अपने ज़िंदगी से निकल नहीं पाई, और वो अपने जिंदगी फिर से तनहा हो गई I 

जिंदगी में Dream Girl आई…

   मीना जी की बाद धर्मेंद्र जी की जिंदगी में हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत, दिलकश और आकर्षक अदाकारा Dream Girl यानी Hema Malini जी आई, धर्मेंद्र जी और हेमा मालिनी के जोड़ी को पर्दे पर दर्शकों को खूब पसंद करते थे, और ये फिल्मी जोड़ी आगे चल कर Real Couple बन जाएगी ये सबके सोच से परे था, हेमा जी अपने दौर की सबसे टॉप की अदाकारा थीं, हेमा जी को दिग्गज अदाकार Sanjeev Kumar और एक दिग्गज अदाकार Jitendra भी पसंद करते थे और उनसे शादी भी चाहते थे। 

गर्लफ्रेंड को लेकर Madras पहुँच शादी रुक गयी…

   दिग्गज अदाकार संजीव कुमार के साथ हेमा जी की शादी की चर्चा जोरों पर थीं, लेकिन इसी दौरान जितेंद्र जी ने हेमा जी को शादी के लिए राजी कर लिया, और ये दोनों शादी करने के लिए अपने परिवार वालों के साथ Madras चले गए I ऐसे में जो धर्मेंद्र जी हेमा जी के पीछे पड़े थे, कहीं ना कहीं हेमा जी के   दिल के कोने में धर्मेंद्र जी भी बसे हुए थे, जब जीतेंद्र और हेमा जी की शादी की खबर धर्मेंद्र को मिली तो उन्होंने ना आगे देखा और ना ही पीछे सीधे जितेन्द्र की गर्लफ्रेंड Shobha को लेकर Madras पहुँच गए, और काफी हंगामे के बाद ये शादी होते होते वही रुक गयी I 

13 साल छोटी हेमा जी से इस्लाम धर्म कबूल…

   इसके बाद धर्मेन्द्र जी और हेमा जी का प्यार परवान चढ़ने लगा, और दोनों ने शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया, लेकिन वो धर्मेन्द्र जी, जो पहले से ही शादीशुदा और चार बच्चों के पिता थे, लेकिन उन्होंने ना तो अपने माँ बाप, ना अपने परिवार, ना ही पत्नी और ना ही अपने बच्चों की कोई भी परवाह की। हिमा जी के प्यार में अंधे धर्मेन्द्र जी ने साल 1979 में अपने से 13 साल छोटी हेमा जी से इस्लाम धर्म कबूल कर के दूसरी शादी की, हालांकि उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर ने उन्हें कभी तलाक नहीं दिया, और ना तो कभी हेमा मालिनी को स्वीकार किया, और ना तो कभी हेमा जी को अपने ससुराल में कदम रखने दिया, जिसकी वजह से हेमा जी अपने ससुराल कभी नहीं गयी I धर्मेंद्र जी और हेमा जी को दो बेटियां हैं 1981 में बड़ी बेटी Esha Deol अपनी माँ की तरह ही फिल्मों में अदाकारा हैं, और 1985 में छोटी Ahana Deol I

हेमा जी को मारने के लिए गुस्से में चाकू उठाया… 

   फ़िल्म एक्स्पर्ट बताते है की इस शादी से नाराज धर्मेंद्र जी के बड़े बेटे सनी देओल इस कदर धर्मेंद्र जी और हेमा जी से नाराज हुए, की 1 दिन सनी ने हेमा जी को मारने के लिए गुस्से में चाकू तक उठा लिया था, क्योंकि आज तक सनी अपनी माँ प्रकाश कौर के दुखों के पीछे की वजह हेमा जी को मानते हैं, और इन दोनों परिवारों में कोई भी संबंध नहीं है, और 40 सालों से हेमा मालिनी कभी अपने ससुराल नहीं गई, और ना ही कभी किसी खुशी में शामिल हुईं।

  हाल ही में हुए सनी के बेटे करण देओल की शादी में पूरे हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को आमंत्रित किया गया, हेमा जी को किसी ने आमंत्रित नहीं किया, ठीक वैसे ही जैसे हेमा जी ने अपनी बेटी ईशा की शादी में प्रकाश कौर के परिवार में से किसी को भी नहीं बुलाया था। इस तरह धर्मेंद्र जी की वजह से दो परिवार और दो पत्नियों के बीच नफरत की वजह बन गए। लेकिन धर्मेन्द्र तो धर्मेन्द्र ही थे इनके प्रेम प्रसंग इतना सब कुछ बर्बाद होने के बावजूद भी वह नहीं रुके, जो इंसान शादीशुदा और चार बच्चों के पिता होने के बावजूद भी किसी को आसानी से धोखा दे सकता है उस पर कोई क्या विश्वास करें, और हुआ भी ऐसा ही 80 के दशक में हेमा जी से शादी करने के बाद धर्मेंद्र जी का नाम जुड़ा खूबसूरत और हुनरमंद अदाकारा Anita Raaz के साथ I

   अनीता राज हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में मशहूर, खूबसूरत और जानी मानी शख्सियत थी, और इनकी गिनती उस दौर में टॉप के अदाकाराओं में होती थी, दिग्गज अदाकारा श्रीदेवी के बाद सबसे ज्यादा फ़िल्में अनीता ही कर रही थी। अनीता ने धर्मेंद्र जी के साथ “Karishma Kudrat Ka” “Jeene Nahi Doonga” “Naukar Biwi Ka” जैसे फिल्मों में साथ काम किया था। फिल्मों में साथ काम करने के दौरान इन दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं, और जो धर्मेंद्र पहले से ही दो दो शादियां कर चूके थे, धर्मेंद्र एक बार फिर अपने से 27 साल छोटी एक लड़की के प्यार में इस कदर पड़ गए की, फिल्मों में अनीता को कास्ट करने के लिए फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों पर दबाव डालने लगे। 

धर्मेन्द्र फिर से तीसरी शादी कर रहे थे…

   फ़िल्म की शूटिंग खत्म होने के बाद अक्सर देखा गया कि धर्मेंद्र जी अनीता के पास पहुँच जाते, और इस इश्क के बीच धर्मेन्द्र जी को अपनी किसी भी तरह की बदनामी का, बीवियों का और बाल बच्चों की ज़रा भी परवाह नहीं थी। लेकिन धर्मेंद्र जी की जिंदगी में बवाल तब हुआ, जब उनकी दूसरी पत्नी हेमा जी और बेटे सनी को इसके बारे में पता चला, धर्मेन्द्र फिर से तीसरी शादी कर रहे थे, दोनों परिवारों के बीच क्रोध की ज्वाला उमड़ पड़ी। पहले तो सनी और हेमा जी ने सख्त रवैया अपनाते हुए, अनीता राज को समझाया, और उसी सख्त लहज़े में धर्मेन्द्र जी को भी सुधारा, और इस तरह से सने और हिमा जी के गुस्से के आगे धर्मेन्द्र जी को झुकना पड़ा I

   इस बवाल के बाद अनीता ने जल्दबाज़ी में फ़िल्म निर्माता निर्देशक Sunil Hingorani से शादी कर ली, और शादी के बाद अनीता फिल्मों से दूर हो गई, और इस तरह से एक प्रेम कहानी का और होने वाली तीसरी शादी का अंत हुआ। धर्मेंद्र जी के ये वो अफेयर रहे, जो शादी तक पहुंचे, ऐसे ही और भी बहुत सी अदाकारा रह चुकी हैं जिनका नाम धर्मेन्द्र जी के साथ जुड़ा जैसे की दिग्गज अदाकारा Asha Parekh, Zeenat Aman, Mumtaz और Rakhi जैसी दिग्गज अदाकारा भी ना चाहते धर्मेन्द्र जी के प्यार में पड़ गयी, लेकिन वक्त रहते ही इन अदाकाराओं को सही मार्गदर्शन मिल गया, और ये सारे अदाकाराएं शादी तक नहीं पहुँच पाए।

 धर्मेंद्र जी के फितरत को समझ Gulzar Sahab के साथ शादी… 

   दिग्गज अदाकारा राखी के बारे में कहा जाता है की उनकी पहली शादी टूटने की वजह धर्मेंद्र जी से उनके बढ़ती नजदीक ही थी, और वक्त के साथ राखी धर्मेंद्र जी के फितरत को समझ गयी, और वक्त रहते संभल गई, धर्मेंद्र जी का साथ छोड़कर मशहूर शायर Gulzar Sahab के साथ शादी कर ली। समय समय पर धर्मेंद्र जी के अफेयर किसी ना किसी अदाकारा के साथ जुड़ते रहे, धर्मेंद्र जी की जिंदगी में एक ऐसी अदाकारा आई, जिसने इनकी इन्हीं हरकतों की वजह से ऐसा जोरदार तमाचा मारा की धर्मेंद्र जी की अकल ठिकाने आ गए, दरअसल हुआ यूं था की साल 1965 में आई फ़िल्म “चाँद और सूरज” इस फ़िल्म में अभिनेत्री तनुजा के साथ काम कर रहे थे, और 1 दिन फ़िल्म की शूटिंग खत्म होने के बाद धर्मेंद्र जी और तनुजा पार्टी करने चले गए।

   कुछ वक्त तनुजा के साथ काम करने के बाद धर्मेंद्र जी ने अपना आशिकी वाला रवैया अपना ना शुरू किया, लेकिन तनुजा को ये सब पसंद नहीं आया, और फिर जाने ना आव देखा ना ताव सबके सामने धर्मेंद्र जी को जोरदार तमाचा लगा दिया, जिसके बाद धर्मेंद्र की अकल बिल्कुल सही जगह पर आ गई, और इनका आशिकी का सारा भूत उतर गया। धर्मेंद्र जी ने कभी ये सोचा तक नहीं होगा कि कोई लड़की  उनके साथ ऐसा भी बर्ताव करेंगे। इस हंगामे के बाद धर्मेंद्र ने तनुजा से माफी मांगी, और उनको अपने हाथ पर राखी बांधने को कहा, तनुजा ने भी उस वक्त एक धागा लेकर उनके हाथ पर बांध दिया। एक तरफ जहाँ धर्मेंद्र अपने शानदार अभिनय के लिए जाने गए, वही हिंदी सिनेमा के इकलौते ऐसे अदाकार रहे, जिन्होंने कभी भी अपने फ़िल्म के एक्टिंग के दौरान डुप्लिकेट का इस्तेमाल नहीं किया, वो हमेशा खतरनाक से खतरनाक स्टंट खुद किया करते, उनकी एक फ़िल्म कर्तव्य के एक सीन के लिए धर्मेंद्र ने एक असली चीते से लड़ाई की और इस तरह से धर्मेंद्र अपनी असल जिंदगी में अपने बहादुरी का नमूना सबको दिखाया।

  बचपन में धर्मेन्द्र जी की माँ उनको सुन्दर नहीं मानती थी, लेकिन फिल्मों में आने के बाद एक सर्वे के अनुसार उस दौर में सबसे खूबसूरत और हैंडसम अदाकार माना गया था धर्मेन्द्र जी को, उनकी इसी खूबसूरती और हैंडसमनेस को देखते हुए, दिग्गज अदाकार ट्रैजिडी किंग दिलीप कुमार साहब अपनी बहन से नाराज हो गए थे, और वो भगवान से हमेशा यही दुआ करते थे की भगवान तुमने मुझे धर्मेंद्र की तरह खूबसूरत क्यों नहीं बनया, और ये बात एक इंटरव्यू के दौरान धर्मेन्द्र जी ने अपने मुँह से बताई थी। धर्मेंद्र जी आज 89 साल के हो चूके हैं, धर्मेंद्र जी फिल्मों के साथ ही राजनीति में भी सक्रिय और सफल रहे  और आज भी वो इन दोनों क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। धर्मेंद्र जी के बाद अब उनके नाम को आगे बढ़ा रहे हैं उनके बेटे सनी देओल, और बॉबी देओल जो हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में सबसे पावरफुल और जबरदस्त अदाकार माने जाते हैं। इनके दूसरी पत्नी हेमा जी के दोनों बेटिया भी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री का हिस्सा है। सभी लोग मिलकर हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय से चार चाँद लगा रहे हैं।

  हिंदी सिनेमा को धर्मेन्द्र जी ने अपनी जिंदगी में एक से बढ़कर एक सूपर हिट फ़िल्में दी है, उनका फ़िल्म शोले में निभाया हुआ वीरु का किरदार आज भी लोगों के दिलों से भुलाया नहीं जाता, और इसी तरह धर्मेंद्र जी के ऐसे और भी किरदार हैं जिन्हें उनके चाहने वाले हमेशा याद करते हैं। लेकिन ये बहुत हैरानी की बात है दोस्तों की इतने शानदार और यादगार अदाकार को हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में बहुत कम अवॉर्ड मिले। इनसे बाद में आकर बहुत से लड़के स्टार बने और बहुत से अवॉर्ड अपने नाम की ये लेकिन इन सबके बीच खूबसूरत और बेहतरीन अदाकार को अवॉर्ड देने की कभी किसी ने कोई भी चिंता या जहमत नहीं उठाई, जिसके ये हकदार थे, हालांकि 1997 में Filmfare की तरफ से Life Time Achievement Award से इन्हें नवाज़ा गया, तो वहीं साल 2012 में भारत सरकार के द्वारा धर्मेंद्र जी को पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया। 

  साल 2004 से लेकर 2009 तक राजस्थान के बीकानेर से का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय संसद लोकसभा के सदस्य के रुप में काम किया, 2004 में अपने चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने एक आक्रामक टिप्पणी की थी, कि कहा उन्हें लोकतंत्र के लिए आवश्यक बुनियादी शिष्टाचार सिखाने के लिए हमेशा के लिए तानाशाह चुना जाना चाहिए। जिसके लिए उनकी कड़ी आलोचना की गयी। फिल्मों के शूटिंग या अपने फार्म हाउस में खेत का काम करने में समय बिताना पसंद करते थे। 

  धर्मेंद्र जी अपने दोनों बेटों के बहुत करीब है, और दोनों बेटे भी अपने पिता के बहुत करीब है, धर्मेन्द्र फिल्मों में कम नजर आते हैं, क्योंकि अब उम्र के उस पड़ाव पर है जहाँ उन्हें अब आराम करने की सलाह दी जाती है। धर्मेंद्र अपने फार्म हाउस पर अपना वक्त गुजारते हैं, जहाँ वो खेती करते हुए नजर आते हैं, धर्मेंद्र जी सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं, और कई बार ये छोटे पर्दे पर कुछ रियलिटी शो में नजर आए है I हिंदी सिनेमा में धर्मेन्द्र जी ने अपना एक अलग ही नाम कमाया और अलग मुकाम बनाए, तो वहीं इनका परिवार दो टुकड़ों में बंट गया, और उसको भी उन्होंने बहुत ही करीब से देखा I आज धर्मेंद्र जी भले ही फिल्मों से दूर हो गए हैं, लेकिन लोग हमेशा उन्हके बेहतरीन काम के लिए याद करते हैं, और इनके नाम को इनके दोनों बेटे बड़े ही जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। अब तो इनका पोता करन सिंह देओल भी फ़िल्म में नजर आ रहे हैं। 

धरम पाजी के मौत की झूठी खबरें : 

  10 नवंबर 2025 को अचानक खबर आई कि धर्मेन्द्र जी अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन ऐसी कोई बात नहीं थी, उनको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते अचानक उनकी तबियत खराब होने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया, सोशल मीडिया पर हेमा जी ने बताया की डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। धरम जी की तबियत ज्यादा खराब होने की वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, पूरे हिंदुस्तान कलाकार, राजनैतिक नेताओं और दर्शकों ने उनकी जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की। अगले सुबह यानी 11 नवंबर 2025 को कुछ सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल पर ये अचानक झूठी खबर फैलने लगी कि धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे, इस बात के तहकीक, पूरी तरह से जांच किए बिना ही ये झूठी खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गयी, ये खबर उस वक्त तेजी से फैल गई जब कुछ नेता और कलाकारों ने भी सोशल मीडिया पर धर्मेन्द्र जी को गलती से श्रद्धांजलि पोस्ट कर दी। लेकिन बाद में हेमा जी और उनकी बेटी ईशा ने सोशल मीडिया पर इस बात को साफ कर दिया की धरम पाजी अभी जिंदा है और उनकी हालत अभी पहले से बेहतर है, और उनकी मौत की झूठी खबर सोशल मीडिया पर फैलाने वालों की कड़ी निंदा भी की I 

Rest In Peace Dharmendra Deol…

   सोमवार 24 नवंबर 2025 को दिग्गज अदाकार धर्मेंद्र सिंह देओल अब हमारे बीच नहीं रहे, धरम जी ने मुंबई में स्थित अपने घर पर आखिरी सांसें लीं, 89 के उम्र में धर्मेंद्र जी दुनिया को अलविदा कहे गए, कुछ दिन पहले जीस तरह से उनके मरने की झूठी खबरें सोशल मीडिया पर दिखाई गई, ऐसा लगता है की उससे नाराज होकर देओल परिवार वालों ने मीडिया को इससे दूर रखकर ठीक किया, और जाते जाते मीडिया वालों से धर्मेन्द्र जी की ये बगावत याद रखी जानी चाहिए। इनकी मौत ने ना सिर्फ बॉलीवुड में बल्कि पूरे हिंदुस्तान में शोक का माहौल है, और पूरा हिंदुस्तान उन के गम में डूबा हुआ है। इनके घर पर हर छोटे बड़े कलाकार, राजनेता और उनके चाहने वालों की भीड़ लगी है, और इनके अंतिम संस्कार में उनके जिगरी दोस्त जय यानी दिग्गज अदाकार अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, अनिल कपूर से लेकर हर छोटा बड़ा कलाकार पूरा बॉलीवुड मौजूद था। बस इतना ही नहीं बल्कि जब इन्हें अंतिम विदाई के लिए मुंबई के विले पार्ले शमशान घाट में लाया गया तो शमशान के बाहर गेट पर हजारों दर्शकों की भीड़ लगी हुई थी, जिनमें महिलाएं, पुरुष, नौजवान छोटा बड़ा हर कोई मौजूद था और अपना चाहिता अदाकार छोड़ जाने का गम उनके आँखों में दिख रहा था, वहाँ मौजूद हर एक शख्स के आंख में आंसू थे। 

  हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के परदे पर धर्मेंद्र जैसा सजीला नौजवान नहीं आया, कभी कुर्ता पहनकर कवि बन गए, तो कभी फ़िल्म धरमवीर में रोमैन युद्धा के लिबास में धरम पाजी 70 के दशक में शक्तिशाली पुरुष बन गए, और कमाल की दिखते थे । 1935 में शुरू हुआ यह सफर 2025 में आकर कुछ इस तरह खत्म हुआ, लेकिन रहती दुनिया तक आने वाली पीढ़ियों के लिए धरम पाजी के संघर्ष और जमीन से उठकर आसमान को छूने का सफर एक मिसाल कायम करेगी, और वो हमारे यादों में हमेशा अमर रहेंगे I Rest In Peace Dharmendra Deol 

तो दोस्तों यह थी हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के “The He Man Of” हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री कहे जाने वाले धर्मेंद्र जी उर्फ धर्म सिंह देओल के जीवन का परिचय। 













 














Leave a Comment